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सिविल फूड सप्लाई कंट्रोलर ने जिले के 8 डिपुओं की आपूर्ति पर लगाई रोक
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अमृतसर। जिले के सिविल सप्लाई विभाग के कंट्रोलर ने सभी डिपो होल्डरों को चेतावनी देने के साथ सोमवार को आठ डिपुओं को जरूरी वस्तुओं की सप्लाई देने पर अगले आदेशों तक रोक लगा दिया है। जिले के फूड सप्लाई कंट्रोलर सुखविंदर सिंह गिल ने यह कार्रवाई कार्ड होल्डरों को गेहूं की पूरी मात्रा न दिए जाने की मिली शिकायतों की जांच के बाद सोमवार को की। इसके साथ ही गिल ने जिले के सभी डिपो होल्डरों को चेतावनी देते हुए नेशनल खुराक सुरक्षा एक्ट 2013 के तहत लाभार्थियों को पूरा राशन देने को कहा है।
सुखविंदर सिंह गिल ने बताया कि सुल्तानविंड रोड स्थित सुखपाल सिंह डीपो होल्डर, चौगांवा से तस्वीर सिंह, छेहरटा के मुकेश कुमार, अजनाला के गांव थोबा के गुरदीप सिंह और नरिंदर कौर, दुबुर्जी वेरका के गुरबिंदर सिंह, मजीठा रोड की गीतांजली के अलावा बाबा बकाला के गांव बुताला के डिपो होल्डर कश्मीर सिंह बुताला के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। इसमें उपभोक्ताओं ने उन पर डिपो से मिलने वाला गेहूं कम दिए जाने पर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
सिविल सप्लाई कंट्रोलर गिल ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर जांच के साथ ही विभागीय अधिकारियों से भी जांच करवाई। जिसमें आरोपी डिपो होल्डरों की तरफ से गेहूं की मात्रा कम दिए जाने की शिकायतें सही पाई गईं। गिल ने बताया कि इसके आधार पर 8 डिपुओं पर वस्तुओं की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। साथ ही उन्होंने जिले के सभी डिपो होल्डरों तथा सिविल सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टरों को हिदायत देते हुए कहा कि लोगों को गेहूं की सही मात्रा दी जाए और इसमें लापरवाही करने पर डिपो का निलंबन किया जाएगा, वहीं जिम्मेदार इंस्पेक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
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आटा चक्की मालिक रखें अपने गेहूं का रिकार्ड : गिल
जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर सुखविंदर सिंह गिल ने जिले की सभी आटा चक्की मालिकों को भी चेतावनी दी है। उन्होंने सभी आटा चक्की मालकों को अपने गोदामों में रखे सरकारी गेहूं का हिसाब रखने को कहा है। क्योंकि राष्ट्रीय खुराक सुरक्षा एक्ट 2013 के तहत लाभार्थियों को डिपो होल्डरों के जरिये बांटे जाने वाला गेहूं लाभार्थी अपने नजदीकी आटा चक्की मालिक के पास रख देते हैं। इसलिए सभी आटा चक्की मालिक लाभार्थियों द्वारा रखा गेहूं (कार्ड होल्डरों की ओर से पिसाई के बाद ली गई गेहूं और प्राइवेट खरीद) का पूरा रिकार्ड अपने पास रखें। उन्होंने यह भी हिदायत दी कि कार्ड धारकों से पिसाई के लिए लिए गेहूं का स्टाक रजिस्टर अलग रखें। जिसमें उनके ब्योरे, मोबाइल फोन नंबर समेत दर्ज किए जाएं। विभागीय अधिकारी कभी भी आटा चक्की मालिकों के स्टाक को चेक कर सकते हैं और इसमें लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी।
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सुखविंदर सिंह गिल ने बताया कि सुल्तानविंड रोड स्थित सुखपाल सिंह डीपो होल्डर, चौगांवा से तस्वीर सिंह, छेहरटा के मुकेश कुमार, अजनाला के गांव थोबा के गुरदीप सिंह और नरिंदर कौर, दुबुर्जी वेरका के गुरबिंदर सिंह, मजीठा रोड की गीतांजली के अलावा बाबा बकाला के गांव बुताला के डिपो होल्डर कश्मीर सिंह बुताला के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। इसमें उपभोक्ताओं ने उन पर डिपो से मिलने वाला गेहूं कम दिए जाने पर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
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सिविल सप्लाई कंट्रोलर गिल ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर जांच के साथ ही विभागीय अधिकारियों से भी जांच करवाई। जिसमें आरोपी डिपो होल्डरों की तरफ से गेहूं की मात्रा कम दिए जाने की शिकायतें सही पाई गईं। गिल ने बताया कि इसके आधार पर 8 डिपुओं पर वस्तुओं की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। साथ ही उन्होंने जिले के सभी डिपो होल्डरों तथा सिविल सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टरों को हिदायत देते हुए कहा कि लोगों को गेहूं की सही मात्रा दी जाए और इसमें लापरवाही करने पर डिपो का निलंबन किया जाएगा, वहीं जिम्मेदार इंस्पेक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।
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आटा चक्की मालिक रखें अपने गेहूं का रिकार्ड : गिल
जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर सुखविंदर सिंह गिल ने जिले की सभी आटा चक्की मालिकों को भी चेतावनी दी है। उन्होंने सभी आटा चक्की मालकों को अपने गोदामों में रखे सरकारी गेहूं का हिसाब रखने को कहा है। क्योंकि राष्ट्रीय खुराक सुरक्षा एक्ट 2013 के तहत लाभार्थियों को डिपो होल्डरों के जरिये बांटे जाने वाला गेहूं लाभार्थी अपने नजदीकी आटा चक्की मालिक के पास रख देते हैं। इसलिए सभी आटा चक्की मालिक लाभार्थियों द्वारा रखा गेहूं (कार्ड होल्डरों की ओर से पिसाई के बाद ली गई गेहूं और प्राइवेट खरीद) का पूरा रिकार्ड अपने पास रखें। उन्होंने यह भी हिदायत दी कि कार्ड धारकों से पिसाई के लिए लिए गेहूं का स्टाक रजिस्टर अलग रखें। जिसमें उनके ब्योरे, मोबाइल फोन नंबर समेत दर्ज किए जाएं। विभागीय अधिकारी कभी भी आटा चक्की मालिकों के स्टाक को चेक कर सकते हैं और इसमें लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी।