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गुरदासपुर में सैनिकों की रिहाई को निकाला कैंडल मार्च
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Sun, 07 Aug 2016 09:38 PM IST
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गुरदासपुर में पाक की जेलों में बंद भारतीय सैनिकों की रिहाई के लिए कैंडल मार्च निकालते एक्स सर्विसमैन।
- फोटो : amarujala
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यूनाइटेड फ्रंट आफ एक्स सर्विसमैन ने कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान पाकिस्तान की जेलों में बंद भारतीय के सैनिकों की रिहाई के लिए मांग उठाई गई।
जिला कमेटी सदस्य सूबेदार मेजर एसपी सिंह कौंसल ने कैंडल मार्च की अगुवाई की। मार्च में कैप्टन सीएस सिद्धू पंजाब प्रधान इलेक्शन कमेटी इंचार्ज और कर्नल एनएस रंधावा ने विशेष तौर पर हिस्सा लिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पकड़े गए हमारे कुछ सैनिक पाकिस्तान ने अभी तक नहीं छोड़े है।
1972 में शिमला में समझौता हुआ था। हमारी सरकार ने करीब 96 हजार कैदियों को बिना शर्त रिहा कर दिया था। पाकिस्तान ने साफ मना कर दिया कि उनके पास कोई कैदी नहीं है, जबकि भारत के पास पूरे सबूत हैं।
वक्ताओं ने बताया योगराज सिंह 109 इंजीनियर रेजीमेंट 1971 की लड़ाई में हुसैनीवाला सेक्टर में लापता हुए थे। नायर वीर सिंह 15 पंजाब रेजीमेंट, सिपाही बलविंद सिंह गांव जीदे जिला बठिंडा, हवलदार धर्मपाल सिंह फोर सिख रेजीमेंट भी लाहौर जेल में है।
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सैनिकों की रिहाई के लिए पुरजोर यत्न किये जा रहे है। इस मौके पर मेजर एमएल र्श्मा, रविंदर विक्की, बलजिंदर सिंह, स्वराज, कैप्टन अजीत सिंह, कुलबीर सिंह, अजैब सिंह, प्रेम सिंह, रतन सिंह मौजूद थे।
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जिला कमेटी सदस्य सूबेदार मेजर एसपी सिंह कौंसल ने कैंडल मार्च की अगुवाई की। मार्च में कैप्टन सीएस सिद्धू पंजाब प्रधान इलेक्शन कमेटी इंचार्ज और कर्नल एनएस रंधावा ने विशेष तौर पर हिस्सा लिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पकड़े गए हमारे कुछ सैनिक पाकिस्तान ने अभी तक नहीं छोड़े है।
1972 में शिमला में समझौता हुआ था। हमारी सरकार ने करीब 96 हजार कैदियों को बिना शर्त रिहा कर दिया था। पाकिस्तान ने साफ मना कर दिया कि उनके पास कोई कैदी नहीं है, जबकि भारत के पास पूरे सबूत हैं।
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वक्ताओं ने बताया योगराज सिंह 109 इंजीनियर रेजीमेंट 1971 की लड़ाई में हुसैनीवाला सेक्टर में लापता हुए थे। नायर वीर सिंह 15 पंजाब रेजीमेंट, सिपाही बलविंद सिंह गांव जीदे जिला बठिंडा, हवलदार धर्मपाल सिंह फोर सिख रेजीमेंट भी लाहौर जेल में है।
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सैनिकों की रिहाई के लिए पुरजोर यत्न किये जा रहे है। इस मौके पर मेजर एमएल र्श्मा, रविंदर विक्की, बलजिंदर सिंह, स्वराज, कैप्टन अजीत सिंह, कुलबीर सिंह, अजैब सिंह, प्रेम सिंह, रतन सिंह मौजूद थे।