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IED मामला: SI की गाड़ी में बम लगाने वाले निकले रिश्ते में चाचा-भतीजा, पाक से भेजा गया था पैसा

Fri, 19 Aug 2022 08:20 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 19 Aug 2022 08:20 PM IST
सार

आरोपियों ने कनाडा में बैठे गैंगस्टर लखबीर लंडा को फोन करके बताया कि काम हो गया है। इसके बाद लंडा की हिदायतों पर यह दोनों दिल्ली की तरफ निकल पड़े और फ्लाइट लेकर मालदीव के जरिये कनाडा जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गए।

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Big disclosure in Amritsar IED case
सीसीटीवी में कैद आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

अमृतसर की पॉश कालोनी रंजीत एवेन्यू में 15-16 अगस्त की मध्यरात्रि पंजाब पुलिस के सब-इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह की गाड़ी में बम लगाने वाले हरपाल सिंह और फतेहदीप सिंह रिश्ते में चाचा-भतीजा लगते हैं। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है। यह भी पता चला कि वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद इन्होंने कनाडा में बैठे गैंगस्टर लखबीर सिंह लंडा को फोन कर मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद लंडा ने उन्हें तुरंत भारत छोड़ कनाडा आने को कहा। 

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इसके साथ ही उन्हें कहा इस काम के बदले भुगतान पाकिस्तान में बैठा आतंकी रिंदा करेगा। यह भी खुलासा हुआ कि अगर पुलिस 16 अगस्त को दिल्ली एयरपोर्ट से इन्हें गिरफ्तार करने में थोड़ी से भी देर करती तो यह विदेश भाग चुके होते। जानकारी के मुताबिक हरपाल सिंह और उसके रिश्ते में भतीजे फतेहदीप सिंह पर 15 और 16 अगस्त की मध्यरात्रि एसआई दिलबाग सिंह के रंजीत एवेन्यू स्थित आवास के बाहर सड़क पर खड़ी उनकी गाड़ी में बम लगाने के आरोप है। 
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पता चला है कि यह दोनों वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस दौरान ही आरोपियों ने कनाडा में बैठे गैंगस्टर लखबीर लंडा को फोन करके बताया कि काम हो गया है। इसके बाद लंडा की हिदायतों पर यह दोनों दिल्ली की तरफ निकल पड़े और फ्लाइट लेकर मालदीव के जरिये कनाडा जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गए।

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उधर, पंजाब पुलिस की स्पेशल टीम ने घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल के आसपास से मोबाइल डंप उठाया और इलाके में रात के समय अज्ञात नंबरों का डाटा खंगाला। टेक्निकल टीम ने बहुत जल्द हरपाल सिंह और फतेहदीप सिंह के मोबाइल फोन का पता लगा लिया क्योंकि घटना के वक्त वहां के आसपास के इलाके में बहुत कम मोबाइल एक्टिव थे।

इसके बाद पुलिस की टीम ने दोनों के मोबाइल सिग्नल को फालो करते हुए दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंच गई और दिल्ली पुलिस की मदद से दोनों को गिरफ्तार करने में सफल हो गई। पुलिस की टीम को अगर कुछ देरी हो जाती तो यह दोनों चाचा-भतीजा मालदीप के रास्ते फ्लाइट लेकर कनाडा के लिए भारत छोड़ चुके होते। यह भी पता चला है कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार हजार कनाडियन डॉलर और ढाई लाख रुपये की इंडियन करेंसी बरामद की है।

यह स्पष्ट नहीं कि उनसे बरामद ढाई लाख रुपये पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर रिंदा ने भेजे थे या किसी और ने दिए थे। पुलिस ने उनके कब्जे से मालदीव के एयर टिकट भी बरामद किए हैं। बॉर्डर जोन के आईजी मोहनीश चावला ने बताया कि एसआई दिलबाग सिंह की गाड़ी में बम लगाने के आरोपों में पकड़े गए रिश्ते में चाचा-भतीजा लगते हैं। हालांकि उन्होंने आरोपियों के कब्जे से बरामद चार हजार डॉलर और इंडियन करेंसी या मालदीव के टिकट बाबत कुछ भी बताने से मना कर दिया। 

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