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Amritsar: अमृतसर-पूना हाईवे के बीच आईं छह पैतृक दुकानें, बिना तोड़े 60 फुट पीछे करवाया
Tue, 11 Oct 2022 05:09 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 11 Oct 2022 05:09 PM IST
सार
भारत सरकार की ओर से तीन माह पहले भेजे गए दुकानें हटाने के नोटिस के बाद जैसे उनके आंखों से सामने अंधेरा ही छा गया। पिता और खुद की की कमाई से बनाई मेहता रोड पर यह दुकानें ही उनका सब-कुछ थी।
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अमृतसर में 60 फुट पीछे सरकाई गई छह दुकानें।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विस्तार
आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है। ऐसा ही एक मामला अमृतसर जिला के मेहता रोड पर स्थित गांव छापा राम सिंह में सामने आया। मंडी बोर्ड में कार्यरत मनरूप सिंह बाजवा की मेहता रोड पर छह पैतृक दुकानें हैं। ये दुकानें जब अमृतसर-पूना नेशनल हाईवे पर आईं तो उन्हें अपनी जिंदगी में सब कुछ बिखरता नजर आया।
भारत सरकार की ओर से तीन माह पहले भेजे गए दुकानें हटाने के नोटिस के बाद जैसे उनके आंखों से सामने अंधेरा ही छा गया। पिता और खुद की की कमाई से बनाई मेहता रोड पर यह दुकानें ही उनका सब-कुछ थी और उन्हें हटाने के लिए उन्हें गिराया जाने के अलावा कोई आप्शन उनके सामने नहीं था।
मनरूप सिंह बाजवा के सामने सबसे बड़ी समस्या थी कि पैतृक संपत्ति के नुकसान को कैसे रोका जाए और दुकानों को बिना तोड़े कैसे अमृतसर-पूना नेशनल हाईवे से पीछे हटाया जाए। तभी बाजवा ने संगरूर में एक घर को शिफ्ट किए जाने के बारे में पढ़ा। इसके बाद उन्होंने अपनी दुकानों को हाईवे से 60 फुट पीछे ले जाने के लिए कांट्रेक्टर से संपर्क किया। टिंकू रोहिला की टीम ने करीब 23 दिन पहले दुकानों की शिफ्टिंग के काम को पूरा कर बाजवा की सभी दुकानों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए अमृतसर-पूना नेशनल हाईवे से 60 फुट पीछे कर दिया।
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भारत सरकार की ओर से तीन माह पहले भेजे गए दुकानें हटाने के नोटिस के बाद जैसे उनके आंखों से सामने अंधेरा ही छा गया। पिता और खुद की की कमाई से बनाई मेहता रोड पर यह दुकानें ही उनका सब-कुछ थी और उन्हें हटाने के लिए उन्हें गिराया जाने के अलावा कोई आप्शन उनके सामने नहीं था।
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मनरूप सिंह बाजवा के सामने सबसे बड़ी समस्या थी कि पैतृक संपत्ति के नुकसान को कैसे रोका जाए और दुकानों को बिना तोड़े कैसे अमृतसर-पूना नेशनल हाईवे से पीछे हटाया जाए। तभी बाजवा ने संगरूर में एक घर को शिफ्ट किए जाने के बारे में पढ़ा। इसके बाद उन्होंने अपनी दुकानों को हाईवे से 60 फुट पीछे ले जाने के लिए कांट्रेक्टर से संपर्क किया। टिंकू रोहिला की टीम ने करीब 23 दिन पहले दुकानों की शिफ्टिंग के काम को पूरा कर बाजवा की सभी दुकानों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए अमृतसर-पूना नेशनल हाईवे से 60 फुट पीछे कर दिया।
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