फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   amritsar, sarbat khalsa, force, stand

छावनी में बदला अमृतसर

Sun, 08 Nov 2015 09:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर Updated Sun, 08 Nov 2015 09:49 PM IST
विज्ञापन
amritsar, sarbat khalsa, force, stand
सिख पंथक संगठनों की ओर से दस नवंबर को सरबत खालसा की सभी तैयारियां पूरी
विज्ञापन
कर ली गई हैं।

अमृतसर मंडियाला रोड पर जहां सरबत खालसा आयोजित किया जाना है, वहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ शुरू कर दिया गया है।

दस नवंबर को अखंडपाठ साहिब का भोग डाल कर सरबत खालसा की शुरुआत होगी। वहीं सरबत खालसा को लेकर कोई टकराव पैदा न हो, इसको मुख्य रखते हुए पंजाब पुलिस ने अमृतसर को पूरी तरह पुलिस छावनी में तबदील कर दिया है।

पुलिस के साथ-साथ रिजर्व बटालियन और पैरा मिलिट्री फोर्स भी तैनात कर दी गई है। अमृतसर चब्बा रोड पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। शहर में वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में फ्लैग मार्च भी आयोजित किया गया है। सारी व्यवस्था की देखरेख डीआईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह कर रहे है।

एसएसपी अमृतसर ग्रामीण जसदीप सिंह ने बताया कि सरबत खालसा को लेकर पूरी चौकसी बरती जा रही है। अमृतसर के साथ साथ सारे जिले में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

अन्य जिलों से भी पुलिस को अमृतसर बुलवा लिया गया है। वहीं पांच आईआरबी, नौ आईआरबी की दो कंपनियां भी बुला ली गई हैं। पैरा मिलिट्री फोर्स को भी अलर्ट किया किया गया है। सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

सरबत खालसा बुलाने वाले संगठनों के वरिष्ठ नेता और यूनाइटेड अकाली दल के नेता भाई मोहकम सिंह ने कहा कि सरबत खालसा हर हालत में होगा। सरकार की कोशिश होगी कि सरबत खालसा को असफल बनाया जाए, लेकिन दुनिया भर में इसको लेकर उत्साह है।

सिख कौम का अब पांच जत्थेदारों पर विश्वास नहीं रह गया है। कौम अब अपनी अगुवाई किसी योग्य नेता को सौंपना चाहती है। पंज प्यारों की ओर से तलब किए जाने के बावजूद जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश नहीं हुए। ऐसे में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के पास भी अब दिवाली पर कौम के नाम संदेश का कोई अधिकार नहीं रह गया है।

एसजीपीसी भी पंज प्यारों के आदेशों के बावजूद जत्थेदारों को पदों से हटा नहीं रही है। अब सिख कौम अपना और जत्थेदारों के भविष्य का फैसला खुद करेगी। उन्होंने कहा कि सरबत खालसा का नाम किसी भी कीमत पर बदला नहीं जाएगा। सरबत खालसा सफल होगा। अगर इसको असफल करने की सरकार कोशिश करती है या नेताओं को पकड़ती है तो यह एक कौम व पंथ विरोधी कदम होगा।

दस नवंबर को आयोजित किया जाने वाला सरबत खालसा किसी भी कीमत पर मान्य नहीं है। इसे सरबत खालसा की संज्ञा नहीं दी सकती। सरबत खालसा सिर्फ अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ही बुला सकते हैं। सरबत खालसा के नाम पर जो लोग इकट्ठ कर रहे हैं वह पंजाब के हालात खराब करने की कोशिश कर रहे है। सिख पंथक संगठनों के आयोजन को समर्थन न दें।
अवतार सिंह मक्कड़, अध्यक्ष, एसजीपीसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed