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अमृतसर सेंट्रल: 2027 चुनाव की सरगर्मियां तेज, कांग्रेस को छोड़ बाकी दलों में टिकट को लेकर खींचतान शुरू

Fri, 04 Sep 2026 09:02 AM IST
Nivedita हरीश शर्मा, संवाद, अमृतसर
हरीश शर्मा, संवाद, अमृतसर Published by: Nivedita Updated Fri, 04 Sep 2026 09:02 AM IST
सार

आप के माैजूदा विधायक डॉ. अजय गुप्ता ने 2022 में सेंट्रल हलके से बड़ी जीत दर्ज की थी।चुनाव में डॉ. अजय गुप्ता को 40,837 वोट मिले थे, जबकि ओपी सोनी 26,811 वोट ही हासिल कर सके। 

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Amritsar Central assembly seat 2027 elections intensifies
अमृतसर सेंट्रल हलके का हाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमृतसर सेंट्रल विधानसभा हलके में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी, भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने हलके में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। 

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आप विधायक डॉ. अजय गुप्ता अपने करीब चार साल के कार्यकाल में करवाए गए विकास कार्यों को अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक ओम प्रकाश सोनी ने आप के विकास के दावों को चुनौती देते हुए आरोप लगाया है कि मौजूदा विधायक हलके में कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं ला पाए। 
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दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस को छोड़कर बाकी राजनीतिक दलों में टिकट को लेकर अंदरखाते खींचतान शुरू हो चुकी है। भाजपा से अलग होकर शिरोमणि अकाली दल ने नरिंदर बहल को चुनाव मैदान में उतारने की घोषणा कर दी है। वहीं भाजपा और आप में भी टिकट के संभावित दावेदारों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ रही हैं। ऐसे में सेंट्रल सीट पर 2027 का मुकाबला बहुकोणीय होने के आसार नजर आ रहे हैं।

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पार्षद से विधायक तक का सफर 
डॉ. अजय गुप्ता ने पार्षद से विधायक तक का सफर तय करते हुए वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी की टिकट पर सेंट्रल हलके से बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम ओम प्रकाश सोनी को 14,026 वोटों के अंतर से हराकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। 

2022 के चुनाव में डॉ. अजय गुप्ता को 40,837 वोट मिले थे, जबकि ओपी सोनी 26,811 वोट ही हासिल कर सके। भाजपा के डॉ. राम चावला को 13,551 और बसपा की दलवीर कौर को 4,016 वोट मिले थे। इस जीत के साथ आप ने कांग्रेस के मजबूत गढ़ माने जाने वाले सेंट्रल हलके में सेंध लगाते हुए सीट अपने नाम की थी।

जनाना अस्पताल को लेकर विधायक का दावा
विधायक डॉ. अजय गुप्ता अपने कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में ढाब खटिका स्थित जनाना अस्पताल के अपग्रेडेशन को गिनाते हैं। उनका कहना है कि पिछली सरकारों की अनदेखी के कारण अस्पताल की हालत खंडहर जैसी हो गई थी। उन्होंने सरकार से फंड लाकर अस्पताल को अपग्रेड करवाया, जिससे क्षेत्र की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकीं। विधायक के अनुसार वाल्ड सिटी के अंदर बिजली मीटर लगवाने के लिए एनओसी की शर्त को भी खत्म करवाया गया। उनका दावा है कि इससे पुराने शहर में रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन से जुड़ी बड़ी समस्या से राहत मिली।

पूर्व विधायक ने उठाए सवाल
दूसरी तरफ कांग्रेस के पूर्व विधायक ओपी सोनी मौजूदा विधायक के विकास के दावों पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि करीब चार साल के कार्यकाल के बावजूद सेंट्रल हलके में कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं आया। कांग्रेस का आरोप है कि जिन कार्यों को मौजूदा सरकार अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है, उनमें से कई कार्य पहले से चल रहे थे या सामान्य सरकारी कामकाज का हिस्सा हैं।

वाल्ड सिटी और हेरिटेज स्ट्रीट की समस्याएं बनी चुनौती
सेंट्रल हलका अमृतसर के पुराने शहर और वाल्ड सिटी के बड़े हिस्से को समेटे हुए है। यहां विकास के साथ-साथ ट्रैफिक, सीवरेज, जलभराव, बिजली और पुरानी इमारतों से जुड़े मुद्दे लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। हेरिटेज स्ट्रीट में बारिश के पानी की निकासी की समस्या का स्थायी समाधान न होना भी विधायक के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में 2027 के चुनाव में सेंट्रल हलके के मतदाता केवल पिछले चार साल के कामकाज को ही नहीं, बल्कि अगले पांच साल के विकास विजन को भी आधार बना सकते हैं। फिलहाल चार प्रमुख दलों की बढ़ती सक्रियता ने मुकाबले को रोचक बना दिया है।

विकास का विजन किसी नेता के पास नहीं
2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अमृतसर सेंट्रल हलके में राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं, लेकिन हलके के समग्र विकास को लेकर फिलहाल किसी भी आप, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा राजनीतिक दल के नेता के पास स्पष्ट विजन नजर नहीं आ रहा है। चार साल के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों के साथ-साथ अब अधूरे पड़े प्रोजेक्ट और लंबे समय से चली आ रही समस्याएं भी चुनावी मुद्दा बन सकती हैं। हलके के लोगों की नजर इस बात पर है कि आगामी विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरने वाले नेता ट्रैफिक, जलभराव, सीवरेज, पार्किंग, स्वास्थ्य सुविधाओं और सेंट्रल जेल के जैमर जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर क्या रोडमैप पेश करते हैं। 

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