अरविंद केजरीवाल पहुंचे अमृतसर: रामतीर्थ मंदिर में हुए नतमस्तक, वाल्मीकि समाज से किए चार वादे
अरविंद केजरीवाल 30 दिसंबर को चंडीगढ़ पहुंचे थे। वहां उन्होंने निगम चुनाव में जीत के लिए धन्यवाद करने के लिए विजय मार्च निकाला था। साल के आखिरी दिन उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह के गढ़ पटियाला में शांति मार्च निकाला था।
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आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शनिवार को नए साल के अवसर पर अमृतसर पहुंचे और रामतीर्थ मंदिर में नतमस्तक हुए। उन्होंने कहा कि आज इस पवित्र स्थान पर मैं वादा करता हूं कि अगर हम पंजाब में सरकार बनाएंगे, तो अनुसूचित जाति समुदाय के हर बच्चे को सर्वोत्तम शिक्षा प्रदान की जाएगी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने वाल्मीकि तीर्थ पर कसम खाते हुए वाल्मीकि समाज के लिए चार घोषणाएं की। इसमें विशेष रूप से वाल्मीकि तीर्थ बोर्ड को हटाकर कमेटी बनाने, सफाई कर्मचारियों को पक्का करने, सीवरेज के अंदर घुस कर काम करने वाले कर्मचारियों को मशीनें उपलब्ध करवाने और एससी भाईचारे के लोगों के बच्चों को अच्छी शिक्षा देना शामिल है।
केजरीवाल ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी गरीब और अनुसूचित जाति के परिवार के बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाती। क्योंकि पंजाब में सरकारी स्कूलों की बहुत बुरी हालत है और वे लोग बड़े-बड़े स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ा नहीं पाते। इस दौरान सांसद भगवंत मान, विधायक अजय दत्त और पंजाब के आप सह प्रभारी राघव चड्ढा भी उपस्थित थे।
दिल्ली के स्कूलों की तर्ज पर बनाएंगे पंजाब के स्कूल
केजरीवाल ने भगवान श्री वाल्मीकि को शिक्षा का लाइटहाउस बताते हुए कहा कि वे आदि कवि के रूप में जाने जाते हैं। बाबा साहिब आंबेडकर ने भी अनुसूचित जाति के भाईचारे के बच्चों को समान शिक्षा देने का सपना देखा था, जो आजादी के 70 साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वे इस पवित्र स्थान पर खड़े होकर कसम खाते हैं कि हमारी सरकार बनने पर पंजाब के स्कूलों को दिल्ली के स्कूलों की तर्ज पर बनाएंगे। ताकि गरीब और अमीर परिवार के बच्चों को एक जैसी शिक्षा मिल सके और गरीब तथा अनुसूचित भाईचारे के बच्चे भी समाज में कंधे से कंधा मिला कर चल सकें।
समाज को दी जाएगी वाल्मीकि मंदिर चलाने की जिम्मेदारी
केजरीवाल ने कहा कि वे आज संत समाज से मिले हैं। जिन्होंने श्राइन बोर्ड भंग कर मंदिर चलाने की जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही है। भगवान वाल्मीकि तीर्थ श्राइन बोर्ड को लेकर उन्होंने कहा कि यह समाज का मंदिर है। इसे चलाने की जिम्मेदारी भी समाज को मिलनी चाहिए। इससे हम सहमत हैं और हमारी सरकार बनने पर श्राइन बोर्ड भंग कर भगवान वाल्मीकि मंदिर चलाने की जिम्मेदारी समाज को दी जाएगी।
पक्के किए जाएंगे ठेके पर काम करने वाले सीवरमैन
उन्होंने कहा कि आज हम 21वीं सदी में रह रहे हैं, लेकिन सीवरमैन आज भी कठिन परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं। एक तरह इनका जहां ठेकेदार द्वारा शोषण किया जाता है, तो दूसरी तरफ से बिना मशीनरी और किट के ही काम करने खतरनाक सीवर में उतरते हैं।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर वे ठेके पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को पक्का करेंगे और दिल्ली के सीवरमैनों की तरह सीवर की सफाई के लिए सरकारी पैसे से मशीनरी खरीद कर देंगे, ताकि पंजाब के सीवरमैन भी दिल्ली के सीवरमैन की तरह एक बिजनेस मैन बन सकें। केजरीवाल ने कहा कि अनुसूचित भाईचारे को इज्जत और बराबरी का हक देंगे, ताकि वे अपना काम करते हुए सम्मान के साथ अपनी जिंदगी जी सके।
नववर्ष पर डेरा सचखंड बल्लां में नतमस्तक हुए केजरीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय कन्वीनर और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शनिवार सुबह डेरा सचखंड बल्लां में नतमस्तक हुए। इस मौके पर उनके साथ पार्टी के पंजाब अध्यक्ष भगवंत मान, नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा समेत अन्य आप नेता भी मौजूद थे।
डेरा सचखंड बल्लां पहुंचने पर डेरे के ट्रस्टी सदस्यों और सेवादारों ने केजरीवाल समेत सभी आप नेताओं का स्वागत किया। केजरीवाल ने कहा कि आध्यात्मिकता के साथ भाईचारे, एकता और समानता स्थापित करने लिए डेरा सचखंड बल्लां का अहम योगदान रहा हैं। वह सचखंड बल्लां में नतमस्तक होने जरूर आते हैं। उन्होंने कहा कि डेरे में पहुंचकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का आनंदमयी एहसास होता है। इस दौरान अजय दत्त, बलकार सिंह समेत अन्य नेता मौजूद थे।
अरविंद केजरीवाल 30 दिसंबर से चंडीगढ़ और पंजाब के दौरे पर हैं। नए साल के शुभ अवसर पर शनिवार सुबह उन्होंने डेरा सचखंड बल्लां में नतमस्तक होकर प्रदेश की खुशहाली, अमन शांति और आपसी भाईचारे के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर केजरीवाल और भगवंत मान ने डेरे के वर्तमान गद्दीनशीन बाबा संत निरंजन दास का आशीर्वाद लिया। वह डेरे में स्थित संत स्वर्ण दास जी की प्रतिमा पर नतमस्तक हुए। इस मौके पर संत निरंजन दास ने केजरीवाल को गुरु रविदास जी की तस्वीर भेंट की और केजरीवाल समेत भगवंत मान, हरपाल सिंह चीमा और बाकी सभी प्रमुख नेताओं को सिरोपा देकर सम्मानित किया।