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भारत-पाक शांति मेला रद
Amritsar
Updated Sat, 10 Aug 2013 05:36 AM IST
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अमृतसर। पाकिस्तानी सैनिकों की भारतीय विरोधी कार्रवाईयों के चलते इस बार अटारी सीमा पर भारत-पाकिस्तान दोस्ती का संदेश देने वाले कैंडल लाइट कार्यक्रम को प्रबंधकों ने रद कर दिया है। 13 अगस्त की रात को होने वाले इस भारत-पाक शांति मेले में मोमबत्तियां तो जलाई जाएंगी लेकिन सभ्याचारक कार्यक्रम नहीं होगा। हिंद-पाक दोस्ती मंच और फोक लोर रिसर्च अकादमी की ओर से पिछले 18 साल से यह कार्यक्रम अटारी सीमा पर आयोजित किया जाता था।
हिंद-पाक दोस्ती मंच के जनरल सेक्रेटरी सतनाम माणक ने यह घोषणा कर दी है। इस सभ्याचारक कार्यक्रम में भारत और पाकिस्तान के लोक गायक दोनों देशों के सदियों पुराने संबंधों को सूफी गायकी, लोक गीतों और लोक संगीत के साथ याद करवाते हैं।
18 साल में यह दूसरा अवसर है, जब 13 अगस्त की रात को अटारी सीमा पर यह कार्यक्रम नहीं होगा। इससे पहले 2001 में कारगिल युद्ध के बाद यह कार्यक्रम रद कर दिया गया था। पिछले 18 साल के दौरान पाकिस्तान की तरफ से कई बार कैंडल जलाने कोई भी नहीं पहुंचता। इसके बावजूद वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर के नेतृत्व में भारतीय सांसदों, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, कलाकारों और आम लोगों का एक काफिला अटारी सीमा पर मोमबत्ती जलाने पहुंचता रहा है। माणक ने कहा कि पांच भारतीय फौजियों की शहादत से हिंद-पाक दोस्ती मंच को गहरी ठेस पहुंची है। सैनिकों की शहादत को देखते हुए सभ्याचारक कार्यक्रम रद किए जा रहे हैं। कैंडल लाइट का कार्यक्रम होगा। पाकिस्तान की तरफ से कैंडल जलाने कौन पहुंचेंगे, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं 13 अगस्त की शाम को स्प्रिंग डेल स्कूल में आयोजित सभ्याचारक कार्यक्रम भी रद करने का निर्णय किया गया है।
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हिंद-पाक दोस्ती मंच के जनरल सेक्रेटरी सतनाम माणक ने यह घोषणा कर दी है। इस सभ्याचारक कार्यक्रम में भारत और पाकिस्तान के लोक गायक दोनों देशों के सदियों पुराने संबंधों को सूफी गायकी, लोक गीतों और लोक संगीत के साथ याद करवाते हैं।
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18 साल में यह दूसरा अवसर है, जब 13 अगस्त की रात को अटारी सीमा पर यह कार्यक्रम नहीं होगा। इससे पहले 2001 में कारगिल युद्ध के बाद यह कार्यक्रम रद कर दिया गया था। पिछले 18 साल के दौरान पाकिस्तान की तरफ से कई बार कैंडल जलाने कोई भी नहीं पहुंचता। इसके बावजूद वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर के नेतृत्व में भारतीय सांसदों, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, कलाकारों और आम लोगों का एक काफिला अटारी सीमा पर मोमबत्ती जलाने पहुंचता रहा है। माणक ने कहा कि पांच भारतीय फौजियों की शहादत से हिंद-पाक दोस्ती मंच को गहरी ठेस पहुंची है। सैनिकों की शहादत को देखते हुए सभ्याचारक कार्यक्रम रद किए जा रहे हैं। कैंडल लाइट का कार्यक्रम होगा। पाकिस्तान की तरफ से कैंडल जलाने कौन पहुंचेंगे, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं 13 अगस्त की शाम को स्प्रिंग डेल स्कूल में आयोजित सभ्याचारक कार्यक्रम भी रद करने का निर्णय किया गया है।
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