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कुलदीप विश्नोई को सम्मानित करने पर विवाद

Sat, 06 Apr 2013 05:30 AM IST
Amritsar
Amritsar Updated Sat, 06 Apr 2013 05:30 AM IST
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अमृतसर। एसजीपीसी के कर्मचारियों द्वारा हरमंदिर साहब के सूचना केंद्र में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजन लाल के बेटे और सांसद कुलदीप सिंह बिश्नोेई को सिरोपा व श्री हरमंदिर साहिब का माडल देकर सम्मानित करने से विवाद गहरा गया है।
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बिशभनोई को सम्मानित करने के लिए सूचना कार्यालय को रात्रि साढ़े नौ बजे तक खुला रखा गया, जो कि आम तौर पर सात बजे बंद कर दिया जाता है।
एसजीपीसी मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जालंधर में बहरे व्यक्तियों को सुनने के लिए कानों में लगाने वाली मशीनें बांटने का एक कार्यक्रम एक एनजीओ की ओर से आयोजित किया गया था। इन मशीनों को बांटने के लिए विदेश से सदस्य आए थे। इस एनजीओं के 40 के सदस्य हरमंदिर साहिब में भी माथा टेकने के लिए आए। इस प्रतिनिधिमंडल में कुलदीप सिंह बिशभनोई भी थे। एसजीपीसी के सूचना विभाग के कर्मचारियों की ओर से इस प्रतिनिधि मंडल को सिरोपे और माडल देकर सम्मानित किया गया। इसी दौरान बिशभनोई को भी सम्मानित किया गया।
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उल्लेखनीय है कि बिशभनोई के पिता भजन लाल ने 1982 में दिल्ली में आयोजित एशियाई खेलों के दौरान हरियाणा में से सिखों को रास्ता देने पर पाबंदी लगा दी थी। इसके अलावा 8 फरवरी 1984 को अकाली दल की ओर से पंजाब बंद के आह्वान के दौरान हरियाणा में सिखों पर कथित तौर पर भारी अत्याचार करवाए थे।
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एसजीपीसी के कर्मचारियों की ओर से बिशभनोई को सम्मानित करने को लेकर फिर बहस व चर्चा शुरू हो गई है। इस संबंध में एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिह मक्कड़ से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वह इस पर कोई भी कमेंट नहीं करना चाहते।
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