{"_id":"92-30436","slug":"Amritsar-30436-92","type":"story","status":"publish","title_hn":"जसविंदर सिंह के मामले में विचार नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जसविंदर सिंह के मामले में विचार नहीं
Amritsar
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब के तत्कालीन मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसविंदर सिंह की ओर से रहरास साहिब के पाठ को करने समय की गई गलती की सजा एसजीपीसी ने उनको मुख्य ग्रंथी के पद से हटा कर दे दी है। इसके चलते पांच सिंह साहिबान की बैठक में ज्ञानी जसविंदर सिंह के मुद्दे पर विचार नहीं किया गया।
एक अन्य सवाल के जवाब ने जत्थेदार ने कहा कि जो सिख संस्थाओं के नेता डेरा ब्यास के मुखी के साथ गुप्त बातचीत व समझौता करके आए हैं वह मरी हुई जमीर के लोग हैं। जो पहले डेरा ब्यास के मुखी का विरोध करते थे आज उनको बाबा जी विशेषण के पुकार रहे हैं।
ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि फिरोजपुर के गांव फतेहगढ़ गहिरी में बनाए जा रहे गुरुद्वारा के विवाद के ऊपर पूर्ण नजर रखी जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या वहां के नए गुरुद्वारा साहिब का शिलान्यास क्या 23 तारीख से पहले रखा गया था। इस मामले में जो भी आरोपी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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एक अन्य सवाल के जवाब ने जत्थेदार ने कहा कि जो सिख संस्थाओं के नेता डेरा ब्यास के मुखी के साथ गुप्त बातचीत व समझौता करके आए हैं वह मरी हुई जमीर के लोग हैं। जो पहले डेरा ब्यास के मुखी का विरोध करते थे आज उनको बाबा जी विशेषण के पुकार रहे हैं।
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ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि फिरोजपुर के गांव फतेहगढ़ गहिरी में बनाए जा रहे गुरुद्वारा के विवाद के ऊपर पूर्ण नजर रखी जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या वहां के नए गुरुद्वारा साहिब का शिलान्यास क्या 23 तारीख से पहले रखा गया था। इस मामले में जो भी आरोपी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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