हेड ग्रंथी पर हो सकती है कार्रवाई

Amritsar Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
अमृतसर। श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसविंदर सिंह की मर्यादा उल्लंघन मामले में छुट्टी हो सकती है। ज्ञानी जी वीरवार शाम रहरास साहिब के दौरान चौपाई साहिब का पाठ करना भूल गए थे। देश विदेश की सिख संगतों ने इसकी शिकायत शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ से की है। मक्कड़ ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने अकाल तख्त जत्थेदार को कार्रवाई करने की सिफारिश भी की है। हैड ग्रंथी पहले भी सिख मर्यादा के मामले में की गई गलती की माफी मांग चुके हैं।
ज्ञानी जसविंदर सिंह की ओर से की गई गलती के बारे में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह कहा कि उनके पास मामले की शिकायत पहुुंच गई है। इस मामले के संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब में 23 नवंबर को होने वाली पांच सिंह साहिबान की बैठक में फैसला लिया जाएगा। तब तक ज्ञानी जसविंदर सिंह अपनी ड्यूटी संभालते रहेंगे। जत्थेदार ने यह संकेत भी दिए कि प्रबंधक के फैसले लेने का अधिकार एसजीपीसी की आंतरिक कमेटी के पास है।
ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बताया कि ज्ञानी जसविंदर सिंह की ओर से राहरास साहिब के पाठ के दौरान गलती के चश्मदीद गवाह भी अपने बयान उनके पास दर्ज करवा चुके हैं। एक टीवी चैनल की पाठ संबंधी फुटेज भी उनके पास पहुंच चुकी है। इससे पहले ज्ञानी गुरबचन सिंह ने हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह, ज्ञानी जगतार सिंह लुधियाना, ज्ञानी मान सिंह, ज्ञानी सुखजिंदर सिंह, ज्ञानी रवेल सिंह, एसजीपीसी के सचिव दिलमेघ सिंह, सुखदेव सिंह, हरभजन सिंह मनावा, मैनेजर हरबंस सिंह मल्ली, रूप सिंह, फ्लाइंग स्कवायड के सकत्तर सिंह से बातचीत करके उनके बयान भी लिए।
यह है मामला
ज्ञानी जसविंदर सिंह श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी है। वह गुरुवार देर शाम रहरास साहिब का पाठ कर रहे थे। इस दौरान वह चौपाई साहिब का पाठ करना ही भूल गए। उन्होंने कुछ पंक्तियों को दोबारा पढ़ दिया गया जिन्हें वे पहले भी पढ़ चुके थे। जब एसजीपीसी की ओर से इस बारे में फ्लाइंग स्कवायड के सदस्यों को ज्ञानी जसविंदर सिंह के पास भेजा गया तो ज्ञानी जी उनके साथ भी झगड़ पड़े। इस में गुरबचन सिंह कर्मूवाल घटना के चश्मदीद गवाह बने और एसजीपीसी ने यह मामला श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के पास भेज दिया।
त्यागपत्र देने का भी दबाव
सूत्रों के अनुसार ज्ञानी जसविंदर सिंह को कहा जा रहा है कि वह श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी के पद से त्यागपत्र दे दें और दोबारा फतेहगढ़ साहिब में जाकर ज्वाइन कर लें नहीं तो उनको जांच का सामना करना पड़ेगा। 17 नवंबर को होने वाली एसजीपीसी की आंतरिक कमेटी की बैठक में ज्ञानी जी को पद मुक्त किया जा सकता है। अगर राजनीतिक दबाव के कारण 17 नवंबर को उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तो 23 नवंबर को पांच सिंह साहिबान की बैठक में कोई सख्त फैसला लिया जा सकता है।
विवादों के साथ पुराना रिश्ता है ज्ञानी जी का
श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसविंदर सिंह का विवादों के साथ पुराना रिश्ता रहा है। जब से उनकी नियुक्ति हुई है तभी से वह किसी न किसी विवाद में रहे है। वे एक पतित सिख के विवाह में भंगड़ा डालने और सिख रहित मर्यादा के खिलाफ काम करने के आरोपों के कारण चर्चा में रहे थे। उन पर यह भी आरोप लगते रहे हैं कि वह संगत से खुद को माथा टिकाते थे और माथा टेकने वालों को मिश्री और इलायची का प्रसाद देते थे। ज्ञानी जसविंदर सिंह को सरकार में उच्च पदों पर बैठे कुछ राजनेताओं का भी आशीर्वाद हासिल है। जिस कारण उनके खिलाफ पहले भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। एसजीपीसी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बार एसजीपीसी ज्ञानी जी के खिलाफ सख्त एक्शन के मूड में हैं। बहुत से पदाधिकारी उनको दोबारा फतेहगढ़ साहिब के मुख्य ग्रंथी के पद पर भेजने के पक्ष में हैं।

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

MP निकाय चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने जीतीं 9-9 सीटें, एक पर निर्दलीय विजयी

मध्य प्रदेश में 19 नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

20 जनवरी 2018

Related Videos

इन बच्चियों ने समझाए 'लोहड़ी' के असल मायने

वैसे तो लोहड़ी का त्योहार देश के कई इलाकों में मनाया जाता है लेकिन पंजाब में लोहड़ी की एक अलग ही छटा दिखाई देती है।

13 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper