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प्यार का संदेश देता है सूफीवाद
Amritsar
Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
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अमृतसर। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल रिटायर आर्मी चीफ जेजे सिंह ने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती से दुनिया में सूफी संदेश को फैलाना एक महान कदम है। पंजाब की धरती बहादुरों, शूरवीरों और सूफी संतों की धरती है। इस धरती से प्रेम, शांति, परमात्मा और बहादुरी का संदेश सारी दुनिया तक पहुंचा है। गुरुओं की धरती अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का सूफी मेला आयोजित करके दुनिया भर में सूफी संतों का संदेश पहुंचाने का जो प्रयास किया गया है वह ऐतिहासिक है। सिंह अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय सूफी मेले के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रमों की अध्यक्षता कर रहे थे।
जेजे सिंह ने कहा कि सूफीवाद हमें आपसी प्यार, शांति और अमन का संदेश देता है। पंजाब की धरती से एक बार फिर यह संदेश दुनिया में फैलाया जा रहा है। दोस्ती और सद्भावना का यह संदेश लगातार दुनिया के हर कोने में पहुंचता रहे इस को यकीनी बनाया जाना चाहिए। हर वर्ष इस तरह के मेले अगर आयोजित किये जाते रहेंगे तो लोगों के अंदर एक दूसरे के प्रति बढ़ रही नफरत की आग को सदा के लिए समाप्त किया जा सकता है। मेले के दूसरे दिन आयोजित अकादमिक सेशन के दौरान श्री लंका से समांथा लिंगकान, दिया दिसनजाके, ईरान से एफट नैगाबी, भारत से प्रो. एनएस तसनीम, फैल फारूखी, अलाउद्दीन खान, परवेज नाजीर, उज्बेकिस्तान से मुख्ओ अदुरखमुआ, पाकिस्तान से सदाउल्ला जान बारक, जहार नसीर, सैयद नजीब अली शाह ने सूफीवाद पर अपने शोध पत्र पढ़े। इस दौरान अलग अलग बुद्धिजीवियों की ओर से सूफी वाद के अमन संदेश को सारी दुनिया में फैलाने पर बल दिया।
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जेजे सिंह ने कहा कि सूफीवाद हमें आपसी प्यार, शांति और अमन का संदेश देता है। पंजाब की धरती से एक बार फिर यह संदेश दुनिया में फैलाया जा रहा है। दोस्ती और सद्भावना का यह संदेश लगातार दुनिया के हर कोने में पहुंचता रहे इस को यकीनी बनाया जाना चाहिए। हर वर्ष इस तरह के मेले अगर आयोजित किये जाते रहेंगे तो लोगों के अंदर एक दूसरे के प्रति बढ़ रही नफरत की आग को सदा के लिए समाप्त किया जा सकता है। मेले के दूसरे दिन आयोजित अकादमिक सेशन के दौरान श्री लंका से समांथा लिंगकान, दिया दिसनजाके, ईरान से एफट नैगाबी, भारत से प्रो. एनएस तसनीम, फैल फारूखी, अलाउद्दीन खान, परवेज नाजीर, उज्बेकिस्तान से मुख्ओ अदुरखमुआ, पाकिस्तान से सदाउल्ला जान बारक, जहार नसीर, सैयद नजीब अली शाह ने सूफीवाद पर अपने शोध पत्र पढ़े। इस दौरान अलग अलग बुद्धिजीवियों की ओर से सूफी वाद के अमन संदेश को सारी दुनिया में फैलाने पर बल दिया।
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