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जिला में चल रहे ओट सैंटरों में 2443 नशा पीड़ितों की हुई रजिस्ट्रेशन

Wed, 29 Aug 2018 10:16 PM IST
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:16 PM IST
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जिला में चल रहे ओट सैंटरों में 2443 नशा पीड़ितों की हुई रजिस्ट्रेशन
जिला में चल रहे ओट सेंटरों में 2443 नशा पीड़ितों की हुई रजिस्ट्रेशन
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-गुरदासपुर और बटाला के अतिरिक्त कलानौर, काहनूवान, नौशहरा मझा सिंह, भाम सेहत केन्द्रों में खोले गए ओट सेंटर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। राज्य सरकार द्वारा किसी कारण नशे के जाल में फंसे पीड़ितों का ओट सेंटरों में मुफ्त उपचार किया जा रहा है और जिला में 2443 नशा पीड़ितों की रजिस्ट्रेशन हो चुकी है। जोकि अपना सफलतापूर्वक उपचार करवा रहे हैं।
जिलाधीश विपुल उज्जवल ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से नशा मुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान तहत नशा पीड़ितों को पुन: नया जीवन देने के उद्देश्य से सिविल अस्पताल गुरदासपुर में 1070 और बटाला में 1373 नशा पीड़ितों की रजिस्ट्रेशन हुई है। उन्होंने बताया कि बबरी बाईपास समीप निर्मित सिविल अस्पताल में नशा छुड़ाओ केन्द्र में प्रतिदिन करीब 470 व बटाला में करीब 500 रोगी दवा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि सेंटर में रोगी को नशा छोड़ने के लिए दवा डाक्टर की उपस्थिति में दी जाती है। दवा बिल्कुल मुफ्त दी जाती है और ओट जिला के सभी सब डिवीजन अस्पतालों में चल रहा है। डा. वरिन्द्र मोहन साइकोलोजिस्ट व पूरी टीम द्वारा रोगियों का बेहतर ढंग से उपचार किया जाता है।
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उन्होंने बताया कि गुरदासपुर व बटाला के अतिरिक्त कलानौर, फतेहगढ़ चूड़ियां, डेरा बाबा नानक, काहनूवान, भाम, नौशहरा मझा सिंह व सिंघोवाल आदि सेहत केन्द्रों में भी ओट सेंटर चलाए जा रहे है, ताकि नशा पीड़ित समीप से उपचार करवा सके। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जिला को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से गांव गांव स्तर पर नशा विरोधी टीमों का गठन करके नशा ग्रस्त लोगों की काउंसलिंग करके उनका नशा छुड़ाओ केन्द्रों में उपचार करवाया जा रहा है, उसके साथ साथ लोगों को नशों के बुरे प्रभावों प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को नशा रूपी बीमारी प्रति बहुत जागरूक होने की जरूरत है और दृढ़ इरादे के साथ इसे काबू किया जा सकता है। राज्य सरकार ने राज्य से नशों को जड़ से समाप्त करने के लिए डैपो अभियान चलाया जा रहा है और इस सामाजिक बुराई को सामूहिक सहयोग से समाप्त किया जा सकता है।
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29जीडीआर3-ओट सैंटर का दृश्य।
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