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निगम कार्यालय के समस्त कर्मचारी हड़ताल पर गए
Updated Fri, 07 Jul 2017 10:47 PM IST
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निकाय मंत्री सिद्धू को कर्मियों ने दिया अल्टीमेटम
- खोला मोर्चा, निगम कार्यालय के कर्मियों ने शुरू की हड़ताल
- मंत्री ने एक दिन पहले दिया था प्रदेश में विकास कार्य पर रोक लगाने का निर्देश
- कर्मी बोले, निर्देश वापस नहीं लिया तो ठप कर देंगे सफाई व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
निगम कार्यालय के समस्त कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने साझा संयुक्त मोर्चा बनाकर निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निगम कर्मचारियों ने कमिश्नर गुरलवलीन सिंह को ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि निकाय मंत्री ने यदि 48 घंटे में जारी आदेश वापस नहीं लिया तो सोमवार से अनिश्चितकाल हड़ताल पर चले जाएंगे। शहर भर में सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी।
निगम कर्मचारियों की अगुवाई कर रहे गुरबचन सिंह चावला कहते हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू ने एक दिन पहले ही पंजाब भर मे करीब आठ हजार करोड़ के विकास कार्यों को रोक लगा दी है। अमृतसर में करीब 400 करोड़ के विकास कार्यों का काम रुक गया है। जबकि इन 400 करोड़ के ई-टेंडर पिछली सरकार के अप्रूवल के बाद ही जारी किए गए थे। सिद्धू केवल बदले की नीति से ऐसा कुछ कर रहे हैं। इसी के साथ ही सीईओ सुदीप माणक जिन्हें पंजाब के करीब 165 निगम व नगर काउंसिल की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनकी नियुक्ति ही विवादों में है। सिद्धू को पहले उनकी नियुक्ति को लेकर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
उधर, शुक्रवार सुबह से ही निगम कार्यालय में कर्मचारियों ने आफिस के बाहर निकल आए। कुछ अधिकारियों को छोड़कर बाकी सभी अपने कार्यालय से गायब हो गए। कुछ देर के लिए निगम कमिश्नर गुरलवलीन सिंह बैठे और कर्मचारियों का ज्ञापन लेने के बाद वो भी चलते बने। दिन भर निगम कार्यालय में कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया। दोपहर बाद करीब चार बजे कर्मचारियों ने एक सुर में कहा कि सोमवार तक अगर नवजोत सिंह सिद्धू ने ई-टेंडर को लेकर अपना स्पष्टीकरण नहीं दिया तो नतीजतन सोमवार से पंजाब भर में निगम व नगर काउंसिल के समस्त कर्मचारी कामकाज ठप कर अनिश्चित काल हड़ताल पर चले जाएंगे।
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- खोला मोर्चा, निगम कार्यालय के कर्मियों ने शुरू की हड़ताल
- मंत्री ने एक दिन पहले दिया था प्रदेश में विकास कार्य पर रोक लगाने का निर्देश
- कर्मी बोले, निर्देश वापस नहीं लिया तो ठप कर देंगे सफाई व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
निगम कार्यालय के समस्त कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने साझा संयुक्त मोर्चा बनाकर निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निगम कर्मचारियों ने कमिश्नर गुरलवलीन सिंह को ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि निकाय मंत्री ने यदि 48 घंटे में जारी आदेश वापस नहीं लिया तो सोमवार से अनिश्चितकाल हड़ताल पर चले जाएंगे। शहर भर में सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी।
निगम कर्मचारियों की अगुवाई कर रहे गुरबचन सिंह चावला कहते हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू ने एक दिन पहले ही पंजाब भर मे करीब आठ हजार करोड़ के विकास कार्यों को रोक लगा दी है। अमृतसर में करीब 400 करोड़ के विकास कार्यों का काम रुक गया है। जबकि इन 400 करोड़ के ई-टेंडर पिछली सरकार के अप्रूवल के बाद ही जारी किए गए थे। सिद्धू केवल बदले की नीति से ऐसा कुछ कर रहे हैं। इसी के साथ ही सीईओ सुदीप माणक जिन्हें पंजाब के करीब 165 निगम व नगर काउंसिल की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनकी नियुक्ति ही विवादों में है। सिद्धू को पहले उनकी नियुक्ति को लेकर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
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उधर, शुक्रवार सुबह से ही निगम कार्यालय में कर्मचारियों ने आफिस के बाहर निकल आए। कुछ अधिकारियों को छोड़कर बाकी सभी अपने कार्यालय से गायब हो गए। कुछ देर के लिए निगम कमिश्नर गुरलवलीन सिंह बैठे और कर्मचारियों का ज्ञापन लेने के बाद वो भी चलते बने। दिन भर निगम कार्यालय में कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया। दोपहर बाद करीब चार बजे कर्मचारियों ने एक सुर में कहा कि सोमवार तक अगर नवजोत सिंह सिद्धू ने ई-टेंडर को लेकर अपना स्पष्टीकरण नहीं दिया तो नतीजतन सोमवार से पंजाब भर में निगम व नगर काउंसिल के समस्त कर्मचारी कामकाज ठप कर अनिश्चित काल हड़ताल पर चले जाएंगे।
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