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ंजाब सरकार के कर्मचारियों ने डोप टैस्ट के विरुद्ध रोष प्रदर्शन किया
Updated Wed, 18 Jul 2018 10:42 PM IST
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कर्मचारियों ने डोप टेस्ट के विरोध में किया रोष प्रदर्शन
गुरदासपुर। पंजाब स्टेट मनिस्ट्रीयल सर्विसिस यूनियन द्वारा पंजाब सरकार के कर्मचारियों ने डोप टेस्ट के विरुद्ध रघुबीर सिंह बडवाल राज्य चेयरमैन व जिलाध्यक्ष पीएसएमएसयू के नेतृत्व में जिलाधीश कार्यालय समक्ष इकट्ठे होकर काली झंडियां लगाकर रोष प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए रघुबीर सिंह बडवाल प्रादेशिक चेयरमैन, गुरदीप सिंह पन्नु महासचिव, बलजिन्द्र सिंह सैनी जिला चेयरमैन व हरजिन्द्र सिंह भट्टी जिला वर्किंग अध्यक्ष, सावन सिंह वित्त सचिव ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्तमान पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों के करवाए जा रहे डोप टेस्ट व विकास टेक्स को बिल्कुल कंडम किया जाता है। उन्होंने कहा किसी भी हालत में कर्मचारी न तो डोप टेस्ट करवाएंगे और न ही विकास टैक्स देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का चेहरा बिल्कुल बेनकाब हो गया है कि पंजाब सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों पर वित्तीय बोझ डालकर उन्हें वित्तीय तौर पर गुलाम किया जा रहा है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में पेंशन स्कीम की बहाली, जनवरी 2017, जुलाई 2017 व जनवरी 2018 की डीए की किश्तें जारी करने संबंधी व पिछले डीए की किश्तों को बकाया करीब 23 माह तक जारी करने, पंजाब के छठे वेतन आयोग को 1-12-2011 से आधार मानकर लागू करने, नई भर्ती करने व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने संबंधी बजट में कोई पैसा तजवीज नहीं किया गया बल्कि पहले ही आमदनी कर देने वाले प्रत्येक कर्मचारी पर जजिया टैक्स 200 रुपये प्रति माह लगा दिया गया है। पंजाब सरकार की इस मारू नीति का कार्यालय कर्मचारियों ने सख्त विरोध किया और सरकार को चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापिस न लिया गया तो कार्यालय कर्मचारी कार्य बंद करके सड़कों पर आने को मजबूर होंगे और इसकी सारी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। सरकार ने यदि मारू निर्णय वापस न लिए तो बड़े संघर्ष की घोषणा की जाएगी।
18जीडीआर1-रोष रैली का दृश्य।
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गुरदासपुर। पंजाब स्टेट मनिस्ट्रीयल सर्विसिस यूनियन द्वारा पंजाब सरकार के कर्मचारियों ने डोप टेस्ट के विरुद्ध रघुबीर सिंह बडवाल राज्य चेयरमैन व जिलाध्यक्ष पीएसएमएसयू के नेतृत्व में जिलाधीश कार्यालय समक्ष इकट्ठे होकर काली झंडियां लगाकर रोष प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए रघुबीर सिंह बडवाल प्रादेशिक चेयरमैन, गुरदीप सिंह पन्नु महासचिव, बलजिन्द्र सिंह सैनी जिला चेयरमैन व हरजिन्द्र सिंह भट्टी जिला वर्किंग अध्यक्ष, सावन सिंह वित्त सचिव ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्तमान पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों के करवाए जा रहे डोप टेस्ट व विकास टेक्स को बिल्कुल कंडम किया जाता है। उन्होंने कहा किसी भी हालत में कर्मचारी न तो डोप टेस्ट करवाएंगे और न ही विकास टैक्स देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का चेहरा बिल्कुल बेनकाब हो गया है कि पंजाब सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों पर वित्तीय बोझ डालकर उन्हें वित्तीय तौर पर गुलाम किया जा रहा है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में पेंशन स्कीम की बहाली, जनवरी 2017, जुलाई 2017 व जनवरी 2018 की डीए की किश्तें जारी करने संबंधी व पिछले डीए की किश्तों को बकाया करीब 23 माह तक जारी करने, पंजाब के छठे वेतन आयोग को 1-12-2011 से आधार मानकर लागू करने, नई भर्ती करने व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने संबंधी बजट में कोई पैसा तजवीज नहीं किया गया बल्कि पहले ही आमदनी कर देने वाले प्रत्येक कर्मचारी पर जजिया टैक्स 200 रुपये प्रति माह लगा दिया गया है। पंजाब सरकार की इस मारू नीति का कार्यालय कर्मचारियों ने सख्त विरोध किया और सरकार को चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापिस न लिया गया तो कार्यालय कर्मचारी कार्य बंद करके सड़कों पर आने को मजबूर होंगे और इसकी सारी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। सरकार ने यदि मारू निर्णय वापस न लिए तो बड़े संघर्ष की घोषणा की जाएगी।
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