श्री बेर साहिब में उमड़ा आस्था का सैलाब, राष्ट्रपति कोविंद समेत 15 लाख संगत ने टेका माथा
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सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर मंगलवार को पावन नगरी सुल्तानपुर लोधी में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। 15 लाख से अधिक श्रद्धालु ऐतिहासिक गुरुद्वारे श्री बेर साहिब में नतमस्तक हुए। गुरुद्वारा साहिब को लाइटों और फूलों से सजाया गया था। इस दौरान विभिन्न रागी जत्थों ने गुरबाणी व कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
वहीं नानक नगरी पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पहले पंजाब सरकार द्वारा आयोजित समागम को संबोधित किया, फिर एसजीपीसी के समागम में शामिल हुए। इससे पहले सुल्तानपुर लोधी में हेलीपैड पर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। राष्ट्रपति ने पत्नी सहित गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में माथा टेका और बाहर खड़े श्रद्धालुओं से मिले।
ऐतिहासिक दिवस पर सबसे पहले कैप्टन अमरिंदर ने गुरुद्वारा बेर साहिब में मत्था टेका। रुमाला साहिब, चंवर साहिब भेंट करते हुए कड़ाह प्रसाद की देग चढ़ाई। उन्हें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने सिरोपा भेंट किया। उनके चंद मिनट बाद पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल गुरुद्वारा साहिब पहुंचे।
Punjab: Devotees gather at Ber Sahib Gurudwara, in Sultanpur Lodhi on the eve of 550th birth anniversary of Guru Nanak Dev ji. #GuruPurab pic.twitter.com/2Jb3iqYxJg
— ANI (@ANI) November 11, 2019
लाखों की संगत, पर कोई अव्यवस्था नहीं
550वें प्रकाश पर्व पर लाखों की तादाद में देस-विदेश से आई संगतों ने मत्था टेका और लंगर छका। पुख्ता इंतजामों के कारण इतनी तादाद में संगत होने के बाद भी कोई अव्यवस्था नहीं हुई। सफाई से लेकर ट्रैफिक के इंतजाम असरदार थे। एसजीपीसी ने अलग समागम जरूर किया, लेकिन सरकार उस पर भारी रही। पंजाब सरकार के समागम में संत समाज की काफी शख्सियतें सुशोभित थीं, संगत भी काफी उमड़ी।
राष्ट्रपति ने पंजाबी में शुरू किया भाषण
सरकार के समागम में राष्ट्रपति कोविंद ने पंजाबी में अपना भाषण शुरू किया। दोनों सीएम का नाम लेने के बाद वह बोले, उग्गियां हस्तियां, भैंणों ते भरावो, सत श्री अकाल। उन्होंने देश वासियों से अपील की कि नाम जपो, किरत करो, वंड छको के सिद्धांत को जीवन में डालकर समाज की विषमताएं दूर करें। उन्होंने कहा कि गुरु जी की शिक्षाएं पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
गुरु जी ने अपनी सरल और सहज वाणी में ज्ञान का प्रकाश फैलाया। ऊंच-नीच, जात-पात से अलग हटकर सरबत दे भले का संदेश दिया। उस समय कुरीतियां फैली हुई थीं, ज्ञान का अंधकार था। ऐसे कठिन समय में तलवंडी में एक ओजस्वी बालक का उदय हुआ, मिटी धुंध जग चानण होया। इस दौरान सीएम ने राष्ट्रपति उनकी पत्नी सविता कोविंद, राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर और राजस्थान सीएम अशोक गहलोत को सम्मानित किया।
वहीं श्री सहज पाठ जी के भोग के बाद धार्मिक समागम में सीएम ने देश-विदेश से आई संगत का स्वागत किया। गुरु नानक दरबार पंडाल में लोगों, सरकार, संत समाज और धार्मिक जत्थेबंदियों की ओर से पांच नवंबर को श्री सहज पाठ का प्रकाश करवाया गया था।
सीएम ने समागमों को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग का जिक्र करते हुए खुशी जताई कि सभी राजनीतिक पार्टियों ने इसमें हिस्सा लिया। जो पहली पातशाही को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने सरबत के भले का संदेश दिया था। सिखों की भावनाओं का सत्कार करते हुए गुरद्वारा श्री करतारपुर साहिब के खुले दर्शन के लिए सीएम ने फिर पीएम नरेंद्र मोदी और पाक पीएम इमरान खान का धन्यवाद किया।
राष्ट्रपति दोपहर को पहुंचे एसजीपीसी के पंडाल में
एसजीपीसी के पंडाल में दोपहर सवा एक बजे राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर पहुंचे। उनके साथ अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय राज्यमंत्री सोमप्रकाश के अलावा पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा भी थे। एसजीपीसी प्रधान लौंगोवाल से लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व प्रकाश सिंह बादल ने संगत को संबोधित किया।
श्री करतारपुर साहिब में माथा टेकने जरूर जाऊंगा: कपिल शर्मा
बॉलीवुड स्टार कॉमेडियन कपिल शर्मा अपने परिचितों के साथ गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में माथा टेकने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एसजीपीसी की ओर से सिरोपा देकर सम्मानित किया। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से पहले गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए कॉरिडोर खुलना बेहद खुशी की बात है।
यह गुरुद्वारा साहिब तो उनके करीब हैं इसलिए जल्द ही वह श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए पाकिस्तान जरूर जाएंगे। नवजोत सिंह सिद्धू के सवाल पर कपिल बोले कि सिद्धू पाजी उनके दिल में बसते हैं। अभी करीब डेढ़ माह पहले ही उनसे मुलाकात हुई थी। इन दिनों वह नहीं मिले हैं। वह सुल्तानपुर लोधी आकर गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक हो गए तो समझो की सिद्धू पाजी भी आ गए।
सतिंदर सरताज ने बांधा समां
श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर रबाब पंडाल में गायक सतिंदर सरताज आकर्षण का केंद्र बने। उन्हें सूफी गायकी से बाबा नानक की प्रसंशा कर सारा आलम रुहानी रंग में रंग दिया। सरताज ने गुरु जी द्वारा रचित आरती गगन मैं धालु रवि चंदु दीपक बने.. से शुरूआत की। उनके लोकप्रिय गीत साईं वे.. ने समां बांध दिया। उन्होंने मैं गुरमुखी दा बेटा.. और होरां दी हिमायत जदों करन लग्गे आदि सुना कर तालियां बटोरीं। इसके अलावा इक दिन मैंनूं बंदा मिलेया.., कोई अली आखे और जित दे निशान सदा जैसे गीत सुनाए।