सुल्तानपुर लोधी में वित्त मंत्री मनप्रीत बादल बोले-दो स्टेज लगना कौम के लिए बदकिस्मती
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वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि दो स्टेज लगना कौम के लिए बदकिस्मती है। यदि हम अपने आका ‘श्री गुरु नानक देव जी’ के प्रकाश पर्व को इकट्ठे होकर नहीं मना सकते तो उनके फलसफे पर चलने की खाक कोशिश करेंगे। वैसे तो कैप्टन साहब ने तो बेहद लचक दिखाई, लेकिन एसजीपीसी ने इसे पूरी तरह से सियासी रंगत देने की भरसक कोशिश की।
मनप्रीत पंजाब सरकार की ओर से श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर मुख्य पंडाल ‘गुरु नानक दरबार’ में नतमस्तक होने आए थे। इससे पहले उन्होंने मीडिया से बात की।
प्रकाश पर्व पर सरकार के प्रबंधों पर खुशी जाहिर करते हुए मनप्रीत बादल ने कहा कि कैप्टन सरकार ने अपनी हैसियत-औकात से बढ़कर प्रबंध किए, फिर भी हम इंसान हैं और गुंजाइश रह ही जाती है। इन प्रबंधों में कुछ गुंजाइश जरूर रह गई है। केंद्र सरकार की मदद पर उन्होंने कहा कि सूबा सरकार प्रकाश पर्व मनाने के लिए सक्षम है।
केंद्र से मदद प्रकाश पर्व के लिए नहीं, बल्कि श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर कुछ प्रपोजल शुरू करने के लिए भेजे गए थे जिनकी पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश को जरूरत है। श्री करतारपुर साहिब जाने के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि वह पहले दिन श्री करतारपुर साहिब के दर्शन करने जाते, लेकिन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनकी ड्यूटी अमृतसर में एक विशेष कार्यक्रम में लगा दी, इसलिए वह पहले दिन नहीं जा सके।
अब जब भी वह अपने खानदान के साथ श्री करतारपुर साहिब जाएंगे तो निमाने सिख के तौर पर ईमानदारी से सजदा करेंगे और रब से अपने गुनाहों की माफी मांगेंगे। इससे पहले वित्त मंत्री ने मुख्य पंडाल ‘गुरु नानक दरबार’ में हाजिरी भरी और इलाही बाणी का कीर्तन श्रवण किया।
उन्होंने गुरु साहिब के 550वें प्रकाश पर्व के पवित्र दिवस की संगत को मुबारकबाद देते हुए बाबा नानक के सिद्धांतों पर चलते हुए समाज से भ्रष्टाचार, अत्याचार जैसी सामाजिक बुराइयों के खात्मे का संकल्प लेने का आह्वान किया।
सुल्तानपुर लोधी के विधायक नवतेज सिंह चीमा और अन्य शख्सियतों ने भी पंडाल में हाजिरी भरी। 'गुरु नानक दरबार' में वित्त मंत्री ने कहा कि यदि श्री गुरु नानक देव जी दुनिया में न आते तो शायद इंसानियत अधूरी रह जाती। उन्होंने नई पीढ़ी को बाबा नानक के सर्व सांझीवालता वाले संदेश दिल से अपनाने और उनके दिखाए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि 20वीं सदी में पंजाब ने बहुत कुछ गंवाया है, हमसे बहुत ही दुर्लभ वस्तुएं छिन गई, पर 21वीं सदी जोड़ने वाली है। इसकी मिसाल करतारपुर कॉरिडोर खुलने जैसे मुबारक मौके से मिलती है। इस दिन का इंतजार सालों से किया जा रहा था जो आखिर बाबा नानक की मेहर से प्रकाश पर्व पर पूरा हो गया।