फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   दुल्हन की तरह वीरगति को लगाया था गले

दुल्हन की तरह वीरगति को लगाया था गले

Sat, 02 Sep 2017 10:31 PM IST
Updated Sat, 02 Sep 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
दुल्हन की तरह वीरगति को लगाया था गले
‘दुल्हन की तरह वीरगति को लगाया था गले’
विज्ञापन

शहीद कैप्टन अजय राणा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह
पठानकोट। शहीद कैप्टन अजय राणा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन शहीद अजय राणा सरकारी स्कूल मामून में आयोजित किया गया। समारोह में कैप्टन अजय राणा की शहादत को याद करते हुए उनके परिवार को सम्मनित किया गया। इसके अलावा पिछले महीने जेएंडके के कुपवाड़ा सेक्टर में शहीद हुए सिपाही सुखदयाल सिंह के परिवार समेत कई अन्य शहीदों के परिवारों को भी सम्मानित किया गया।
शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद की ओर से आयोजित इस समारोह में पंजाब पुलिस के आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने मुख्य रूप से शिरकत की। इसके अलावा हलका सुजानपुर विधायक दिनेश सिंह बब्बू, पूर्व मंत्री मास्टर मोहन लाल, पार्षद योगेश ठाकुर, रविंदर सिंह विक्की, सागर सिंह सलारिया समेत कई गणमान्यों ने विशेष तौर पर पहुंचकर शहीद कैप्टन अजय राणा को श्रद्धाजंलि दी।
विज्ञापन

कैप्टन अजय राणा ने साल 2003 में पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का सामना करते हुए शहादत का जाम पिया था। अजय राणा की शादी भी नहीं हुई थी। शादी से कुछ महीने पहले ही उन्होंने देश की रक्षा के लिए वीरगति को अपनी दुल्हन के रूप में गले लगा लिया था। अजय राणा का जन्म 17 सितंबर 1974 को पिता सूबेदार मेजर केसी राणा व माता शामा राणा के घर हुआ। सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़े होने के कारण देश सेवा का जज्बा उनमें बचपन से ही कूट-कूट कर भरा था। शिमला यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर शिक्षा पूरी करने के बाद वह देश सेवा के जज्बे को लेकर सेना में बतौर लेफ्टीनेंट भर्ती हो गए। 2 सितंबर 2003 को जब वह जम्मू कश्मीर के बटालिक सेक्टर के एक अग्रणी मोर्चे पर तैनात थे, उसी दौरान पाकिस्तानी सेना ने गोलाबारी शुरू कर दी। अपने साथियों को गोलाबारी से बचाते हुए अजय राणा ने शहादत का जाम पिया। राणा को उनके अदम्य साहस के लिए मरणोपरांत सेना मैडल से सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

आईजी विजय प्रताप ािसह ने कहा कि मृत्यु अटल सत्य है, परन्तु राष्ट्र सेवा में प्राण न्योछावर करने अमर हो जाते हैं। शहीद रणबांकुरों की शहादत का मोल कोई भी सरकार व प्रशासन चुका नहीं सकता। इस मौके पर डीईओ रविंदर कुमार, प्रिंसिपल सतीश गुप्ता, डिप्टी मेयर वीना परमार, भाजपा नेता नरेंद्र परमार, यशपाल शर्मा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed