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Amritsar News: पंजाब की जेलों में 42 फीसदी कैदी नशे की लत का शिकार
Fri, 27 Oct 2023 11:08 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Updated Fri, 27 Oct 2023 11:08 PM IST
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एनएचआरसी ने पंजाब सरकार को भेजा नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत एनएचआरसी ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है, जिसमें आधिकारिक सूत्रों ने हाल के अध्ययनों का हवाला देते हुए संकेत दिया है कि पंजाब की जेलों में 42 फीसदी कैदी नशीली दवाओं के आदी हैं।
कथित तौर पर, यह रहस्योद्घाटन पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा पंजाब और चंडीगढ़ की जेल प्रणालियों के भीतर चुनौतियों पर विचार-विमर्श के लिए प्रमुख हितधारकों और विशेषज्ञों के साथ आयोजित एक बैठक के दौरान हुआ। इसे लेकर आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और जेल महानिदेशक के साथ-साथ चंडीगढ़ के जेल महानिदेशक को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सामने आया कि बैठक में विशेष डीजीपी, जेल एडीजीपी, अपर ने भाग लिया। चंडीगढ़ के आईजी-सह-जेल अधीक्षक और पंजाब की विभिन्न जेलों के 25 अधीक्षक मौजूद थे।
आयोग के डिप्टी डायरेक्टर जेके श्रीवास्तवा ने बताया कि आयोग ने पाया है कि मीडिया रिपोर्ट की सामग्री, यदि सच है, तो केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ सहित पंजाब राज्य की विभिन्न जेलों में बंद कैदियों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा बनता है। आयोग के अनुसार मीडिया रिपोर्ट में उल्लिखित बैठक के दौरान सामने आए गंभीर मुद्दे के समाधान के लिए अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई शामिल होनी चाहिए। आयोग ने यह भी रिपोर्ट मांगी है कि पंजाब और चंडीगढ़ जेलों के कैदियों को नशीली दवाओं के खतरे से बचाने के लिए 19 जून, 2023 को जानबूझकर आत्महत्या को कम करने के संबंध में जारी की गई सलाह के अनुरूप क्या कदम उठाए गए हैं या उठाए जाने का प्रस्ताव है। कैदियों द्वारा नुकसान और आत्महत्या के प्रयास पर सरकार और जेल विभाग क्या कर रहा है।
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26 अक्तूबर, 2023 की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों की बैठक में कैदियों की भलाई की सुरक्षा के लिए एनएचआरसी दिशानिर्देशों का पालन करने को लेकर क्या कार्रवाई की गई। जेलों में क्या लापरवाही हुई है जिसके कारण जेलों के भीतर तपेदिक से संबंधित मौतों की घटनाएं हुईं। इसके अलावा, जेल प्रणाली के भीतर नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर अभी तक क्या किया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत एनएचआरसी ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है, जिसमें आधिकारिक सूत्रों ने हाल के अध्ययनों का हवाला देते हुए संकेत दिया है कि पंजाब की जेलों में 42 फीसदी कैदी नशीली दवाओं के आदी हैं।
कथित तौर पर, यह रहस्योद्घाटन पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा पंजाब और चंडीगढ़ की जेल प्रणालियों के भीतर चुनौतियों पर विचार-विमर्श के लिए प्रमुख हितधारकों और विशेषज्ञों के साथ आयोजित एक बैठक के दौरान हुआ। इसे लेकर आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और जेल महानिदेशक के साथ-साथ चंडीगढ़ के जेल महानिदेशक को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सामने आया कि बैठक में विशेष डीजीपी, जेल एडीजीपी, अपर ने भाग लिया। चंडीगढ़ के आईजी-सह-जेल अधीक्षक और पंजाब की विभिन्न जेलों के 25 अधीक्षक मौजूद थे।
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आयोग के डिप्टी डायरेक्टर जेके श्रीवास्तवा ने बताया कि आयोग ने पाया है कि मीडिया रिपोर्ट की सामग्री, यदि सच है, तो केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ सहित पंजाब राज्य की विभिन्न जेलों में बंद कैदियों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा बनता है। आयोग के अनुसार मीडिया रिपोर्ट में उल्लिखित बैठक के दौरान सामने आए गंभीर मुद्दे के समाधान के लिए अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई शामिल होनी चाहिए। आयोग ने यह भी रिपोर्ट मांगी है कि पंजाब और चंडीगढ़ जेलों के कैदियों को नशीली दवाओं के खतरे से बचाने के लिए 19 जून, 2023 को जानबूझकर आत्महत्या को कम करने के संबंध में जारी की गई सलाह के अनुरूप क्या कदम उठाए गए हैं या उठाए जाने का प्रस्ताव है। कैदियों द्वारा नुकसान और आत्महत्या के प्रयास पर सरकार और जेल विभाग क्या कर रहा है।
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26 अक्तूबर, 2023 की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों की बैठक में कैदियों की भलाई की सुरक्षा के लिए एनएचआरसी दिशानिर्देशों का पालन करने को लेकर क्या कार्रवाई की गई। जेलों में क्या लापरवाही हुई है जिसके कारण जेलों के भीतर तपेदिक से संबंधित मौतों की घटनाएं हुईं। इसके अलावा, जेल प्रणाली के भीतर नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर अभी तक क्या किया गया है।