{"_id":"5b784d8742c792464c73d111","slug":"201534610823-amritsar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है कर्नल कंवर जयदीप सलारिया-दिनेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है कर्नल कंवर जयदीप सलारिया-दिनेश
Updated Sat, 18 Aug 2018 10:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सैकड़ों लोगों ने शौर्य चक्र विजेता की शहादत को किया नमन
शहीद कर्नल कंवर जयदीप सिंह सलारिया का 16वां श्रद्धांजलि समारोह आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। 2 बार शौर्य चक्र और 1 सेना मेडल विजेता शहीद कर्नल कंवर जयदीप सिंह सलारिया का 16वां श्रद्धांजलि समारोह यूनिट के कमांडिंग अफसर रहे कर्नल सुधीर चौहान की अध्यक्षता में गांव पंगोली में शहीद की याद में बने स्मारक पर कराया गया। इसमें विधायक और पूर्व डिप्टी स्पीकर ठाकुर दिनेश सिंह बब्बू बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। इनके अलावा शहीद की पत्नी डॉ. अनुराधा राजपूत, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष रिटा. कर्नल सागर सिंह सलारिया, महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की, वीर चक्र विजेता कर्नल तीर्थ सिंह, कर्नल आरके चौहान, लेफ्टिनेंट कर्नल विशाल सिंह, मेजर शौर्यवीर सिंह राठौर, मेजर अमर कुमार शर्मा, परिषद प्रेस सचिव बिट्टा काटल, राजपूत महासभा पठानकोट के महासचिव कुंवर शमशेर सिंह बिट्टू ने शामिल हो शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इससे पहले दो डोगरा यूनिट की सैन्य टुकड़ी ने शस्त्र उल्टे कर और मातमी धुन से शहीद को सलामी दी। इसके बाद श्रद्धांजलि समारोह में ठाकुर दिनेश सिंह बब्बू ने कहा कि कर्नल जयदीप सिंह सलारिया की शहादत क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है, जिन्होंने 16 वर्ष पहले जम्मू कश्मीर के नौशहरा सेक्टर में पाक प्रशिक्षित आतंकियों से लोहा लेते हुए शहादत का जाम पीकर देशभक्ति की मशाल जलाई। वही मशाल आज भी प्रज्वलित होकर क्षेत्र के युवाओं में सेना में भर्ती होकर राष्ट्र पर मर मिटने का जज्बा भर रही है। कर्नल सुधीर चौहान ने कहा कि कर्नल केजे सिंह आतंकियों के लिए काल रूप थे। वह हर 10 दिन बाद किसी न किसी आतंकी को मार गिराते थे तथा हर आपरेशन में वह जवानों से आगे होकर मोर्चा संभालते थे। उन्होंने कहा कि कर्नल सलारिया के अनुपम बलिदान व शौर्य से भारतीय सेना के जवान हमेशा प्रेरणा लेते रहेंगे।
बहादुरी का दूसरा नाम हैं कर्नल जयदीप सलारिया: कुंवर विक्की
परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र विक्की ने कहा कि बहादुरी का दूसरा नाम कर्नल जयदीप सलारिया है, जिन्होंने अपने साहस और वीरता के दम पर दो बार शौर्य चक्र और एक बार सेना मेडल जीतकर जिले के प्रथम सैनिक होने का गौरव हासिल किया है। ऐसे जांबाज सैन्य अधिकारी युवा पीढ़ी के लिए रोल माडल हैं, जो बलिदान देकर भी देश भक्ति की अलख जगा जाते हैं। इस अवसर पर कर्नल पीएस भंदराल, कर्नल सुदर्शन सलारिया, कैप्टन रछपाल सिंह, कैप्टन स्वर्ण सलारिया, कैप्टन सेवा सिंह, सूबेदार सुदर्शन सलारिया, जगदर्शन सिंह, सरपंच ठाकुर राजिंद्र सिंह, हंस राज, राजेश कुमार, जयपाल सिंह उपस्थित थे।
फोटो:-6-शहीदकी पत्नी डॉ. अनुराधा राजपूत को सम्मानित करते आर्मी अफसर और स्मारक पर सलामी देते आर्मी के जवान।
विज्ञापन
शहीद कर्नल कंवर जयदीप सिंह सलारिया का 16वां श्रद्धांजलि समारोह आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। 2 बार शौर्य चक्र और 1 सेना मेडल विजेता शहीद कर्नल कंवर जयदीप सिंह सलारिया का 16वां श्रद्धांजलि समारोह यूनिट के कमांडिंग अफसर रहे कर्नल सुधीर चौहान की अध्यक्षता में गांव पंगोली में शहीद की याद में बने स्मारक पर कराया गया। इसमें विधायक और पूर्व डिप्टी स्पीकर ठाकुर दिनेश सिंह बब्बू बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। इनके अलावा शहीद की पत्नी डॉ. अनुराधा राजपूत, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष रिटा. कर्नल सागर सिंह सलारिया, महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की, वीर चक्र विजेता कर्नल तीर्थ सिंह, कर्नल आरके चौहान, लेफ्टिनेंट कर्नल विशाल सिंह, मेजर शौर्यवीर सिंह राठौर, मेजर अमर कुमार शर्मा, परिषद प्रेस सचिव बिट्टा काटल, राजपूत महासभा पठानकोट के महासचिव कुंवर शमशेर सिंह बिट्टू ने शामिल हो शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इससे पहले दो डोगरा यूनिट की सैन्य टुकड़ी ने शस्त्र उल्टे कर और मातमी धुन से शहीद को सलामी दी। इसके बाद श्रद्धांजलि समारोह में ठाकुर दिनेश सिंह बब्बू ने कहा कि कर्नल जयदीप सिंह सलारिया की शहादत क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है, जिन्होंने 16 वर्ष पहले जम्मू कश्मीर के नौशहरा सेक्टर में पाक प्रशिक्षित आतंकियों से लोहा लेते हुए शहादत का जाम पीकर देशभक्ति की मशाल जलाई। वही मशाल आज भी प्रज्वलित होकर क्षेत्र के युवाओं में सेना में भर्ती होकर राष्ट्र पर मर मिटने का जज्बा भर रही है। कर्नल सुधीर चौहान ने कहा कि कर्नल केजे सिंह आतंकियों के लिए काल रूप थे। वह हर 10 दिन बाद किसी न किसी आतंकी को मार गिराते थे तथा हर आपरेशन में वह जवानों से आगे होकर मोर्चा संभालते थे। उन्होंने कहा कि कर्नल सलारिया के अनुपम बलिदान व शौर्य से भारतीय सेना के जवान हमेशा प्रेरणा लेते रहेंगे।
बहादुरी का दूसरा नाम हैं कर्नल जयदीप सलारिया: कुंवर विक्की
परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र विक्की ने कहा कि बहादुरी का दूसरा नाम कर्नल जयदीप सलारिया है, जिन्होंने अपने साहस और वीरता के दम पर दो बार शौर्य चक्र और एक बार सेना मेडल जीतकर जिले के प्रथम सैनिक होने का गौरव हासिल किया है। ऐसे जांबाज सैन्य अधिकारी युवा पीढ़ी के लिए रोल माडल हैं, जो बलिदान देकर भी देश भक्ति की अलख जगा जाते हैं। इस अवसर पर कर्नल पीएस भंदराल, कर्नल सुदर्शन सलारिया, कैप्टन रछपाल सिंह, कैप्टन स्वर्ण सलारिया, कैप्टन सेवा सिंह, सूबेदार सुदर्शन सलारिया, जगदर्शन सिंह, सरपंच ठाकुर राजिंद्र सिंह, हंस राज, राजेश कुमार, जयपाल सिंह उपस्थित थे।
विज्ञापन
फोटो:-6-शहीदकी पत्नी डॉ. अनुराधा राजपूत को सम्मानित करते आर्मी अफसर और स्मारक पर सलामी देते आर्मी के जवान।