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जिले के लिए चुनावी साल रहा 2017
Updated Sat, 30 Dec 2017 10:45 PM IST
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पठानकोट के लिए चुनावी साल रहा 2017
उतार चढ़ाव का रहा साल, कहीं मिलीं उपलब्धियां तो कहीं नुकसान
उतार चढ़ाव का रहा साल, कहीं मिलीं उपलब्धियां तो कहीं नुकसान
सीएम ने दो बार किया जिले का दौरा
जितेंद्र शर्मा।
पठानकोट।
साल 2017 लगभग आज खत्म हो जाएगा। यह साल पठानकोट में कई उतार चढ़ाव लेकर आया। राजनीतिक उथल-पुथल के कारण यह साल एक तरह से चुनावी साल रहा। साल में तीन चुनाव जिले में हुए। तीनों में कांग्रेस जीती। इसी साल में नये सीएम यानि कैप्टन ने जिले में दो बार दौरा किया। जिला प्रशासन समेत कई अन्य गणमान्यों को पुरस्कार मिले और कई बड़ी हस्तियों के निधन से शोक की लहर भी दौड़ी।
शुरूआत से लेकर अंत तक 2017 का यह साल चुनावी रहा। जनवरी 2017 में विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक पार्टियों की टिकटों का ऐलान हो रहा था। इस दौरान कांग्रेस ने पहली बार जिले के दो हलकों में यूथ चेहरे उतारे। तो वहीं दूसरी तरफ हलका पठानकोट में भाजपा में बगावत होते होते टली। भाजपा नेता मोहन लाल ने पार्टी के खिलाफ नामांकन भरा पर बाद में वापिस ले लिया। इसके बाद फरवरी महीने में चुनाव संपन्न हुए और मार्च में सूबे में सत्ता पलट गई। जिले के दो हलकों में कांग्रेस ने भाजपा को मात दी। वहीं अप्रैल महीने में नगर निगम में वो हुआ जो पिछले दो साल में नहीं हुआ। हाउस मीटिंग में मेयर अपनी कुर्सी छोड़ चले गए। दो साल में पहली बार कांग्रेसी भाजपाईयों पर भारी पड़ते दिखे।
राजनीतिक माहौल शांत हुआ ही था कि अगस्त महीने में भाजपा ने पठानकोट समेत पूरे माझा में तिरंगा मार्च निकाल फिर से राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ाईं। इसके बाद अक्तूबर महीने में गुरदासपुर लोकसभा के उपचुनाव के चलते सीएम कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने दो बार जिला पठानकोट का दौरा किया। पहले कैप्टन दशहरे के कार्यक्रम पर पठानकोट में रावण दहन करने आये इसके अलावा एक रैली गुरदासपुर उपचुनाव को लेकर कैप्टन ने गुरदासपुर-पठानकोट में निकाली।
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गुरदासपुर उपुचनाव में सुनील जाखड़ के बाहरी होने के बावजूद वह जीते और सांसद बने। इसके बाद निकाय चुनावों में नरोट जैमल सिंह नगर काउंसिल के पहले ही चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को क्लीन स्वीप कर दिया। एक भी सीट भाजपा को नहीं मिली।
ये रहीं उपलब्धियां
साल 2017 में पठानकोट को कई उपलब्धियां भी मिलीं। केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण 2017 में पठानकोट को सूबे में चौथे सबसे साफ शहर और देश में 188वें सबसे साफ शहर का दर्जा मिला। सिविल अस्पताल पठानकेाट के एआरटी सेंटर को एक बार फिर बेस्ट सेंटर का अवार्ड मिला। इसके अलावा जिला प्रशासन के चार आईटी प्रोजेक्टों को भी इसी साल में अवार्ड मिले। वहीं जेएमके इंटरनेशन स्कूल की प्रिंसिपल विनीता महाजन को शिक्षा मंत्री अरूणा चौधरी से शिक्षा रत्न का अवार्ड मिला।
इन हस्तियों को खोया
साल 2017 के अप्रैल महीने में जिला पठानकोट को उस समय बड़ा झटका लगा। जब मशहूर बॉलीवुड अभिनेता व स्थानीय सांसद विनोद खन्ना स्वर्ग सिधार गये। विनोद खन्ना लंबे समय से बिमार थे। उनके निधन से पठानकोट में शोक की लहर दौड़ आयी। इसके अलावा मशहूर शायर प्रवीण कुमार अश्क, स्वतंत्रता सेना चन्ना सिंह और रिटायर्ड सिविल सर्जन डॉ रवि डोगरा का निधन होने से पठानकोट शोकग्रस्त हुआ।
फोटो -1- पठानकोट में सीएम कैप्टन अमरिंदर की रैली का दृश्य।
फोटो -1ए- पठानकोट में कांग्रेस ने विस चुनाव में भाजपा को हराया।
फोटो -1बी- उपचुनाव जीतकर जाखड़ बने गुरदासपुर से सांसद।
फोटो -1सी- जिला प्रशासन के प्रोजेक्टों को मिले चार अवार्ड।
फोटो -1डी- सिविल अस्पताल के एएआरटी सेंटर को मिला अवार्ड।
फोटो -1ई- सिने स्टार विनोद खन्ना, डॉ रवि डोगरा समेत कई हस्तियों को खोया।
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उतार चढ़ाव का रहा साल, कहीं मिलीं उपलब्धियां तो कहीं नुकसान
उतार चढ़ाव का रहा साल, कहीं मिलीं उपलब्धियां तो कहीं नुकसान
सीएम ने दो बार किया जिले का दौरा
जितेंद्र शर्मा।
पठानकोट।
साल 2017 लगभग आज खत्म हो जाएगा। यह साल पठानकोट में कई उतार चढ़ाव लेकर आया। राजनीतिक उथल-पुथल के कारण यह साल एक तरह से चुनावी साल रहा। साल में तीन चुनाव जिले में हुए। तीनों में कांग्रेस जीती। इसी साल में नये सीएम यानि कैप्टन ने जिले में दो बार दौरा किया। जिला प्रशासन समेत कई अन्य गणमान्यों को पुरस्कार मिले और कई बड़ी हस्तियों के निधन से शोक की लहर भी दौड़ी।
शुरूआत से लेकर अंत तक 2017 का यह साल चुनावी रहा। जनवरी 2017 में विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक पार्टियों की टिकटों का ऐलान हो रहा था। इस दौरान कांग्रेस ने पहली बार जिले के दो हलकों में यूथ चेहरे उतारे। तो वहीं दूसरी तरफ हलका पठानकोट में भाजपा में बगावत होते होते टली। भाजपा नेता मोहन लाल ने पार्टी के खिलाफ नामांकन भरा पर बाद में वापिस ले लिया। इसके बाद फरवरी महीने में चुनाव संपन्न हुए और मार्च में सूबे में सत्ता पलट गई। जिले के दो हलकों में कांग्रेस ने भाजपा को मात दी। वहीं अप्रैल महीने में नगर निगम में वो हुआ जो पिछले दो साल में नहीं हुआ। हाउस मीटिंग में मेयर अपनी कुर्सी छोड़ चले गए। दो साल में पहली बार कांग्रेसी भाजपाईयों पर भारी पड़ते दिखे।
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राजनीतिक माहौल शांत हुआ ही था कि अगस्त महीने में भाजपा ने पठानकोट समेत पूरे माझा में तिरंगा मार्च निकाल फिर से राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ाईं। इसके बाद अक्तूबर महीने में गुरदासपुर लोकसभा के उपचुनाव के चलते सीएम कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने दो बार जिला पठानकोट का दौरा किया। पहले कैप्टन दशहरे के कार्यक्रम पर पठानकोट में रावण दहन करने आये इसके अलावा एक रैली गुरदासपुर उपचुनाव को लेकर कैप्टन ने गुरदासपुर-पठानकोट में निकाली।
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गुरदासपुर उपुचनाव में सुनील जाखड़ के बाहरी होने के बावजूद वह जीते और सांसद बने। इसके बाद निकाय चुनावों में नरोट जैमल सिंह नगर काउंसिल के पहले ही चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को क्लीन स्वीप कर दिया। एक भी सीट भाजपा को नहीं मिली।
ये रहीं उपलब्धियां
साल 2017 में पठानकोट को कई उपलब्धियां भी मिलीं। केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण 2017 में पठानकोट को सूबे में चौथे सबसे साफ शहर और देश में 188वें सबसे साफ शहर का दर्जा मिला। सिविल अस्पताल पठानकेाट के एआरटी सेंटर को एक बार फिर बेस्ट सेंटर का अवार्ड मिला। इसके अलावा जिला प्रशासन के चार आईटी प्रोजेक्टों को भी इसी साल में अवार्ड मिले। वहीं जेएमके इंटरनेशन स्कूल की प्रिंसिपल विनीता महाजन को शिक्षा मंत्री अरूणा चौधरी से शिक्षा रत्न का अवार्ड मिला।
इन हस्तियों को खोया
साल 2017 के अप्रैल महीने में जिला पठानकोट को उस समय बड़ा झटका लगा। जब मशहूर बॉलीवुड अभिनेता व स्थानीय सांसद विनोद खन्ना स्वर्ग सिधार गये। विनोद खन्ना लंबे समय से बिमार थे। उनके निधन से पठानकोट में शोक की लहर दौड़ आयी। इसके अलावा मशहूर शायर प्रवीण कुमार अश्क, स्वतंत्रता सेना चन्ना सिंह और रिटायर्ड सिविल सर्जन डॉ रवि डोगरा का निधन होने से पठानकोट शोकग्रस्त हुआ।
फोटो -1- पठानकोट में सीएम कैप्टन अमरिंदर की रैली का दृश्य।
फोटो -1ए- पठानकोट में कांग्रेस ने विस चुनाव में भाजपा को हराया।
फोटो -1बी- उपचुनाव जीतकर जाखड़ बने गुरदासपुर से सांसद।
फोटो -1सी- जिला प्रशासन के प्रोजेक्टों को मिले चार अवार्ड।
फोटो -1डी- सिविल अस्पताल के एएआरटी सेंटर को मिला अवार्ड।
फोटो -1ई- सिने स्टार विनोद खन्ना, डॉ रवि डोगरा समेत कई हस्तियों को खोया।