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किसानों ने की धान की रोपाई, कृषि विभाग ने किया विरोध
Updated Tue, 12 Jun 2018 10:08 PM IST
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विरोध पर बैंरग लौटी रोपाई रोकने गई टीम
गांव ठट्ठगड़ में कई किसानों ने की धान की रोपाई
किसानों रोकने पहुंची टीम को घेरकर नारेबाजी की
तरनतारन। गांव ठट्ठगड़ में किसानों की ओर से धान की बिजाई की गई थी। इसकी सूचना मिलते ही कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची और किसानों द्वारा धान की 20 जून से पहले की रोपाई का विरोध किया। इस पर गुस्से में आए किसान संघर्ष कमेटी ने उक्त टीम को रोक कर नारेबाजी की। किसानों के विरोध को देखते हुए टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
किसान गुरलाल सिंह पंडोरी, हरप्रीत सिंह सिधवा, धर्म सिंह ठट्ठगड़, हरपाल सिंह पंडोरी ने कहा कि 20 जून से पहले धान की बिजाई पर रोक लगाने का सरकारी फैसला नादरशाही फरमान है। इसे किसी भी कीमत पर कबूल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक मंदहाली का शिकार हुए किसानों की फसलों को अनाज मंडियों में लूटा जाता है। फसलों के सही दाम नहीं दिए जाते। उन्होंने कहा कि गिर रहे भूजल स्तर के मद्देनजर धान की बिजाई पर अगर सरकार शर्तें रखना शुरू कर रही है तो यह भी सोचना चाहिए कि सरसों, दाल, तोरिया, मक्की, सूरजमुखी, गन्ना और सब्जियों के उचित दाम दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि एक तरफ किसान आर्थिक मंदहाली कारण आत्महत्या कर रहा है। दूसरी किसानों को धान की बिजाई से रोककर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को सरकार ने परेशान किया तो राज्य भर में संघर्ष किया जाएगा। इस मौके हरदयाल सिंह ठट्ठगड़, कशमीर सिंह, हरदेव सिंह, गुरभेज सिंह, लखविंदर सिंह, निर्मल सिंह, हरजिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, दारा सिंह, भजन सिंह, काबल सिंह, अमरीक सिंह, प्रगट सिंह, बलदेव सिंह पंडोरी, सुखबीर सिंह, काबल सिंह, दिलबाग सिंह मौजूद थे।
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गांव ठट्ठगड़ में कई किसानों ने की धान की रोपाई
किसानों रोकने पहुंची टीम को घेरकर नारेबाजी की
तरनतारन। गांव ठट्ठगड़ में किसानों की ओर से धान की बिजाई की गई थी। इसकी सूचना मिलते ही कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची और किसानों द्वारा धान की 20 जून से पहले की रोपाई का विरोध किया। इस पर गुस्से में आए किसान संघर्ष कमेटी ने उक्त टीम को रोक कर नारेबाजी की। किसानों के विरोध को देखते हुए टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
किसान गुरलाल सिंह पंडोरी, हरप्रीत सिंह सिधवा, धर्म सिंह ठट्ठगड़, हरपाल सिंह पंडोरी ने कहा कि 20 जून से पहले धान की बिजाई पर रोक लगाने का सरकारी फैसला नादरशाही फरमान है। इसे किसी भी कीमत पर कबूल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक मंदहाली का शिकार हुए किसानों की फसलों को अनाज मंडियों में लूटा जाता है। फसलों के सही दाम नहीं दिए जाते। उन्होंने कहा कि गिर रहे भूजल स्तर के मद्देनजर धान की बिजाई पर अगर सरकार शर्तें रखना शुरू कर रही है तो यह भी सोचना चाहिए कि सरसों, दाल, तोरिया, मक्की, सूरजमुखी, गन्ना और सब्जियों के उचित दाम दिए जाएं।
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उन्होंने कहा कि एक तरफ किसान आर्थिक मंदहाली कारण आत्महत्या कर रहा है। दूसरी किसानों को धान की बिजाई से रोककर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को सरकार ने परेशान किया तो राज्य भर में संघर्ष किया जाएगा। इस मौके हरदयाल सिंह ठट्ठगड़, कशमीर सिंह, हरदेव सिंह, गुरभेज सिंह, लखविंदर सिंह, निर्मल सिंह, हरजिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, दारा सिंह, भजन सिंह, काबल सिंह, अमरीक सिंह, प्रगट सिंह, बलदेव सिंह पंडोरी, सुखबीर सिंह, काबल सिंह, दिलबाग सिंह मौजूद थे।
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