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बेटे के पक्ष में खड़े हुए एडवोकेट ऐ के साहनी
Updated Thu, 19 Jul 2018 10:12 PM IST
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बेटे के पक्ष में खड़े हुए एडवोकेट एके साहनी
कहा-राजनीतिक लाभ के कारण हो रही अनावश्यक बयानबाजी
बोले-मैं खुद रह चुका हूं मुफ्ती साहब का बायां व उमर अब्दुल्ला का दायां हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल (एएजी) के रूप में कठुआ मामले में आरोपी के वकील असीम साहनी की नियुक्ति पर राजनीतिक खेमे में हुई हलचल के जवाब में वीरवार को वकील असीम साहनी के पिता एडवोकेट एके साहनी ने खुलकर बात की।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बेवजह राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस बात को तूल दे रहे हैं। जबकि यह फैसला गवर्नर साहब ने लिया है। इस संबंध में असीम खुद यह बात कह चुका है कि इस पद की गरिमा रखने के लिए वह कठुआ केस छोड़ रहे हैं और राज्य के खिलाफ कोई मामला नहीं लडे़ंगे। उन्होंने कहा कि एक वकील का काम बेहद प्रोफेशनल होता है। वह किसी का भी वकील हो सकता है।
उन्होंने बताया कि वह खुद पीडीपी के आफिशियल स्पोक्समैन रह चुके हैं। यहीं नहीं उमर अब्दुल्ला के भी बेहद करीबियों में रहे हैं और उनके साथ पुंज इत्यादि कई स्थानों पर गए हैं। उनकी पैरवी भी करते रहे हैं। साहनी ने कहा कि अगर ऐसा कहा जाए कि उन्होंने मुफ्ती के बाएं तथा उमर अब्दुल्ला के दाएं हाथ के रूप काम किया है तो यह गलत नहीं है। ऐसे मामलों में केवल निजी स्वार्थ के लिए राजनीतिक रोटियां सेकना गलत है। उन्होंने कहा कि वह कठुआ कांड की पैरवी खुद कर रहे हैं और अब असीम उनका वकील नहीं है। ऐसे में किसी को कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए।
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बता दें कि इससे पहले असीम साहनी ने कहा था कि अगर तर्क यह है तो फिर किसी को भी कसाब, दाऊद और इनके जैसे लोगों के केस नहीं लड़ने चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर एक ट्वीट में लिखा कि यह विडंबनापूर्ण है कि अंतरराष्ट्रीय न्याय का विश्व दिवस मनाने के ठीक एक दिन बाद, भयानक कठुआ बलात्कार और हत्या में डिफेंस काउंसिल को एडिशनल एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया है।
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बेटे के पक्ष में खड़े हुए एडवोकेट एके साहनी
कहा-राजनीतिक लाभ के कारण हो रही अनावश्यक बयानबाजी
बोले-मैं खुद रह चुका हूं मुफ्ती साहब का बायां व उमर अब्दुल्ला का दायां हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल (एएजी) के रूप में कठुआ मामले में आरोपी के वकील असीम साहनी की नियुक्ति पर राजनीतिक खेमे में हुई हलचल के जवाब में वीरवार को वकील असीम साहनी के पिता एडवोकेट एके साहनी ने खुलकर बात की।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बेवजह राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस बात को तूल दे रहे हैं। जबकि यह फैसला गवर्नर साहब ने लिया है। इस संबंध में असीम खुद यह बात कह चुका है कि इस पद की गरिमा रखने के लिए वह कठुआ केस छोड़ रहे हैं और राज्य के खिलाफ कोई मामला नहीं लडे़ंगे। उन्होंने कहा कि एक वकील का काम बेहद प्रोफेशनल होता है। वह किसी का भी वकील हो सकता है।
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उन्होंने बताया कि वह खुद पीडीपी के आफिशियल स्पोक्समैन रह चुके हैं। यहीं नहीं उमर अब्दुल्ला के भी बेहद करीबियों में रहे हैं और उनके साथ पुंज इत्यादि कई स्थानों पर गए हैं। उनकी पैरवी भी करते रहे हैं। साहनी ने कहा कि अगर ऐसा कहा जाए कि उन्होंने मुफ्ती के बाएं तथा उमर अब्दुल्ला के दाएं हाथ के रूप काम किया है तो यह गलत नहीं है। ऐसे मामलों में केवल निजी स्वार्थ के लिए राजनीतिक रोटियां सेकना गलत है। उन्होंने कहा कि वह कठुआ कांड की पैरवी खुद कर रहे हैं और अब असीम उनका वकील नहीं है। ऐसे में किसी को कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए।
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बता दें कि इससे पहले असीम साहनी ने कहा था कि अगर तर्क यह है तो फिर किसी को भी कसाब, दाऊद और इनके जैसे लोगों के केस नहीं लड़ने चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर एक ट्वीट में लिखा कि यह विडंबनापूर्ण है कि अंतरराष्ट्रीय न्याय का विश्व दिवस मनाने के ठीक एक दिन बाद, भयानक कठुआ बलात्कार और हत्या में डिफेंस काउंसिल को एडिशनल एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया है।