{"_id":"5aeb3ed94f1c1b76098b7d20","slug":"141525366489-amritsar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वतंत्रता के पहले घंटे में ही देश से शराब को और गाय हत्या को करना था खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वतंत्रता के पहले घंटे में ही देश से शराब को और गाय हत्या को करना था खत्म
Updated Thu, 03 May 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘सरकारी क्षेत्र में शराब के चलन बढ़ने का अफसोस’
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। पूूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने वीरवार को जारी प्रेस ब्यान में कहा कि भारत सरकार राष्ट्रीय स्तर पर महात्मा गांधी का 150वां जन्मदिवस मनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जो उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है, उसमें राष्ट्रपति भी हैं। सरकार को यह याद करवाना चाहती हूं कि गांधी देश को किस ओर ले जाना चाहते थे। गांधी का स्वप्न था कि स्वतंत्रता के पहले घंटे में ही देश से शराब और पशुवध को खत्म किया जाएगा, लेकिन अफसोस है कि शराब का चलन सरकारी क्षेत्र में भी बढ़ गया है।
अगर इस 150 वर्षीय कार्यक्रम में सरकार हर गरीब की बस्ती में पूरे देश में पीने का स्वच्छ पानी पहुंचा दे और शराब को खत्म करने का प्रयास शुरू कर दे, तभी सरकारों को विशेषकर भारत सरकार को गांधीजी के नाम पर बड़े-बड़े जश्न करने का अधिकार है अन्यथा समय और साधनों को व्यर्थ खोने जैसा ही है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। पूूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने वीरवार को जारी प्रेस ब्यान में कहा कि भारत सरकार राष्ट्रीय स्तर पर महात्मा गांधी का 150वां जन्मदिवस मनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जो उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है, उसमें राष्ट्रपति भी हैं। सरकार को यह याद करवाना चाहती हूं कि गांधी देश को किस ओर ले जाना चाहते थे। गांधी का स्वप्न था कि स्वतंत्रता के पहले घंटे में ही देश से शराब और पशुवध को खत्म किया जाएगा, लेकिन अफसोस है कि शराब का चलन सरकारी क्षेत्र में भी बढ़ गया है।
अगर इस 150 वर्षीय कार्यक्रम में सरकार हर गरीब की बस्ती में पूरे देश में पीने का स्वच्छ पानी पहुंचा दे और शराब को खत्म करने का प्रयास शुरू कर दे, तभी सरकारों को विशेषकर भारत सरकार को गांधीजी के नाम पर बड़े-बड़े जश्न करने का अधिकार है अन्यथा समय और साधनों को व्यर्थ खोने जैसा ही है।
विज्ञापन