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लॉकडाउनः अमृतसर से घर के लिए रवाना हुईं जम्मू-कश्मीर की 14 युवतियां, बोलीं- हम आपकी आभारी
Fri, 17 Apr 2020 10:48 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, अमृतसर
अमर उजाला, अमृतसर
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2020 10:48 AM IST
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फाइल फोटो
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स्वामी विवेकानंद नशा मुक्ति व पुनर्वास केंद्र में क्वारंटीन की गई जम्मू-कश्मीर की 14 युवतियों को कड़ी सुरक्षा में वीरवार को घर भेज दिया गया। वीरवार सुबह पौने सात बजे प्रशासन ने इन युवतियों को बस में बिठाकर रवाना किया। इनकी सुरक्षा के लिए पुलिस की टीम भी साथ भेजी गई है।
जानकारी के अनुसार जम्मू की सीमा लखनपुर में भी इन युवतियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और अमृतसर प्रशासन द्वारा दी गई इनकी रिपोर्ट की जांच की। इसके बाद इन युवतियों को श्रीनगर के लिए रवाना किया गया। तकरीबन एक माह तक अमृतसर में क्वारंटीन रहीं युवतियों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद किया।
ये युवतियां 18 मार्च को पाकिस्तान से अटारी सीमा के रास्ते भारत पहुंची थीं। जम्मू-कश्मीर की रहने वाली इन युवतियों में से 8 पाकिस्तान में मेडिकल स्टूडेंट्स हैं, जबकि छह पाकिस्तान में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मिलने गई थीं। कोरोना के प्रकोप की वजह से सभी पाकिस्तान से लौट आईं।
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अटारी बॉर्डर से इन्हें जिला प्रशासन ने स्वामी विवेकानंद नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में क्वारंटीन किया था। 2 अप्रैल को इनका क्वारंटाइन खत्म हो रहा था, लेकिन जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इन्हें वापस लेने से इंकार कर दिया। अमृतसर प्रशासन ने सभी का कोविड-19 टेस्ट करवाया। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इन्हें बुधवार को जम्मू-कश्मीर रवाना कर दिया गया।
पिछले 28 दिनों से अपनों से दूर रह रहीं ये युवतियों हमेशा गमगीन रहती थीं। 13 अप्रैल को जब भारत सरकार ने लॉकडाउन की अवधि 3 मई तक बढ़ा दी तो ये खूब रोईं थी। वीरवार को बस में बैठीं युवतियों के चेहरे पर चमक थीं और होंठों पर मुस्कान। सभी ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद किया।
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जानकारी के अनुसार जम्मू की सीमा लखनपुर में भी इन युवतियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और अमृतसर प्रशासन द्वारा दी गई इनकी रिपोर्ट की जांच की। इसके बाद इन युवतियों को श्रीनगर के लिए रवाना किया गया। तकरीबन एक माह तक अमृतसर में क्वारंटीन रहीं युवतियों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद किया।
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ये युवतियां 18 मार्च को पाकिस्तान से अटारी सीमा के रास्ते भारत पहुंची थीं। जम्मू-कश्मीर की रहने वाली इन युवतियों में से 8 पाकिस्तान में मेडिकल स्टूडेंट्स हैं, जबकि छह पाकिस्तान में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मिलने गई थीं। कोरोना के प्रकोप की वजह से सभी पाकिस्तान से लौट आईं।
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अटारी बॉर्डर से इन्हें जिला प्रशासन ने स्वामी विवेकानंद नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में क्वारंटीन किया था। 2 अप्रैल को इनका क्वारंटाइन खत्म हो रहा था, लेकिन जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इन्हें वापस लेने से इंकार कर दिया। अमृतसर प्रशासन ने सभी का कोविड-19 टेस्ट करवाया। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इन्हें बुधवार को जम्मू-कश्मीर रवाना कर दिया गया।
पिछले 28 दिनों से अपनों से दूर रह रहीं ये युवतियों हमेशा गमगीन रहती थीं। 13 अप्रैल को जब भारत सरकार ने लॉकडाउन की अवधि 3 मई तक बढ़ा दी तो ये खूब रोईं थी। वीरवार को बस में बैठीं युवतियों के चेहरे पर चमक थीं और होंठों पर मुस्कान। सभी ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद किया।