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दशम पिता के प्रकाश पर्व श्री हरमंदिर साहिब में बड़ी गिनती में पहुंचे श्रद्धालु
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे नतमस्तक हुए श्रद्धालु
प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में श्री अखंड पाठ के भोग डाले गए
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व श्री हरमंदिर साहिब में श्रद्धा भावना के साथ मनाया गया। श्री हरमंदिर साहिब में सुबह-सवेरे ही संगत पहुंचने लगी। संगत पवित्र सरोवर में डुबकी लगा कर मुख्य भवन में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे नतमस्तक हुई। गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में श्री अखंड साहिब के भोग डाले गए। श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी जत्थों ने गुरु शबद का गायन कर संगत को गुरु चरणों से जोड़ा। श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी बलविंदर सिंह ने पावन हुकमनामा के बाद दशम पिता के प्रकाश पर्व की संगत को बधाई देते हुए कहा कि गुरु साहिबान की शिक्षाओं का अनुकरण कर जीवन को सफल किया जा सकता है। गुरुद्वारा मंजी साहिब में आयोजित धार्मिक दीवान में रागी सिंहों, ढाढी रागियों, कविशर, प्रचारकों और पंथक कवियों ने हाजिरी भरी। विद्वानों ने गुरु साहिबान के जीवन बारे संगत के साथ विचार सांझे किए। इस अवसर पर प्रबंधक गुरिंदर सिंह, मुख्त्यार सिंह, बघेल सिंह, सतनाम सिंह मौजूद थे ।
सजे जलों, आतिशबाजी का नजारा देखने के लिए उमड़ी संगत
इस पावन अवसर पर श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन में सजाए गए जलों साहिब के संगत ने दर्शन किए। रहिरास साहिब की अरदास के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर के आसपास दीपमाला की। श्रद्धालुओं ने घी के दिए जलाकर सुख शांति की अरदास की। शाम को आतिशबाजी का नजारा देखने के लिए संगत उमड़ पड़ी।
गुरु साहिबान के जीवन से प्रेरणा ले संगत : लोंगोवाल
एसजीपीसी के प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि गुरु साहिबान ने मानवता की रक्षा व कल्याण के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। संगत खालसाई जीवन धारण करे। गुरु साहिबान ने समाज के दबे-कुचले लोगों को अपनी छाती से लगाया। इन लोगों को सरदारियां बख्शी । दशम पिता ने मानव को जुल्म के विरुद्ध लड़ने का जज्बा पैदा किया।
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प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में श्री अखंड पाठ के भोग डाले गए
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व श्री हरमंदिर साहिब में श्रद्धा भावना के साथ मनाया गया। श्री हरमंदिर साहिब में सुबह-सवेरे ही संगत पहुंचने लगी। संगत पवित्र सरोवर में डुबकी लगा कर मुख्य भवन में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे नतमस्तक हुई। गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में श्री अखंड साहिब के भोग डाले गए। श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी जत्थों ने गुरु शबद का गायन कर संगत को गुरु चरणों से जोड़ा। श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी बलविंदर सिंह ने पावन हुकमनामा के बाद दशम पिता के प्रकाश पर्व की संगत को बधाई देते हुए कहा कि गुरु साहिबान की शिक्षाओं का अनुकरण कर जीवन को सफल किया जा सकता है। गुरुद्वारा मंजी साहिब में आयोजित धार्मिक दीवान में रागी सिंहों, ढाढी रागियों, कविशर, प्रचारकों और पंथक कवियों ने हाजिरी भरी। विद्वानों ने गुरु साहिबान के जीवन बारे संगत के साथ विचार सांझे किए। इस अवसर पर प्रबंधक गुरिंदर सिंह, मुख्त्यार सिंह, बघेल सिंह, सतनाम सिंह मौजूद थे ।
सजे जलों, आतिशबाजी का नजारा देखने के लिए उमड़ी संगत
इस पावन अवसर पर श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन में सजाए गए जलों साहिब के संगत ने दर्शन किए। रहिरास साहिब की अरदास के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर के आसपास दीपमाला की। श्रद्धालुओं ने घी के दिए जलाकर सुख शांति की अरदास की। शाम को आतिशबाजी का नजारा देखने के लिए संगत उमड़ पड़ी।
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गुरु साहिबान के जीवन से प्रेरणा ले संगत : लोंगोवाल
एसजीपीसी के प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि गुरु साहिबान ने मानवता की रक्षा व कल्याण के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। संगत खालसाई जीवन धारण करे। गुरु साहिबान ने समाज के दबे-कुचले लोगों को अपनी छाती से लगाया। इन लोगों को सरदारियां बख्शी । दशम पिता ने मानव को जुल्म के विरुद्ध लड़ने का जज्बा पैदा किया।
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