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गुस्साये किसानों ने अपने बीमार किसान साथी को चारपाई समेत उठाकर रोड के बीच रखकर लगाया धरना

Mon, 25 Feb 2019 10:08 PM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Mon, 25 Feb 2019 10:08 PM IST
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गुस्साये किसानों ने अपने बीमार किसान साथी को चारपाई समेत उठाकर रोड के बीच रखकर लगाया धरना
जमीन की निशादेही करने आए अधिकारियों से उलझे किसान
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करतारपुर कॉरिडोर : गुस्साए किसानों ने अपने बीमार किसान साथी को चारपाई समेत उठाकर सड़क पर लगाया धरना
प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही किसान धरने से उठे और निशानदेही का काम शुरू हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
डेरा बाबा नानक (बटाला)। भारत-पाक सीमा पर डेरा बाबा नानक में करतारपुर कॉरिडोर के लिए खेतों में निशानदेही करने आई नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया की टीम से किसान उलझ गए। माहौल तनावपूर्ण बन गया। किसानों के गुस्से को देखकर मौके पर करीब चार थानों के पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए।
जैसे ही नेशनल हाईवे के अधिकारी किसानों के खेतों में निशानदेही करने लगे तो किसानों ने डेरा बाबा नानक-गुरदासपुर रोड पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान किसान मंगल सिंह (55) निवासी गांव जोडियां खुर्द, जिसे कुछ दिन पहले हार्ट अटैक आया था और जो बीमार चल रहा है, को चारपाई समेत उठाकर लाया गया और बीच सड़क में उसकी चारपाई रखकर प्रदर्शन किया गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे डेरा बाबा नानक के एसडीएम गुरसिमरन सिंह ढिल्लों ने किसानों को मनाना शुरू किया। करीब चार घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने लिखित में दिया कि किसानों की जमीन किसानों की ही रहेगी और उनको सही रेट मिलने के बाद ही उनकी जमीन एक्वायर की जाएगी तब जाकर किसानों ने अपना धरना उठाया। इसके बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अधिकारियों की हाजिरी में निशानदेही का काम शुरू किया।
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किसान बचाओ कमेटी के उप प्रधान सूबा सिंह ने बताया कि वह अपने खेतों में किसी को कब्जा करने नहीं देंगे। उन्होंने बताया कि सोमवार को नेशनल हाईवे अथारिटी वाले पुलिस के सहयोग से उनकी जमीनों पर निशानदेही करना चाहते थे। इसी बात से नाराज किसान सड़क पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनको उनकी जमीनों का उचित मुआवजा नहीं दे देती तब तक वह किसी को भी अपनी जमीनों को एक्वायर नहीं करने देंगे। एक किसान ने कह दिया कि सरकार उनको उजाड़कर यह कॉरिडोर बनाना चाहती है जो गलत है। किसानों के मुताबिक बताया कि कई माह बीत चुके हैं मगर अभी सरकार उनको उनकी जमीन के रेट के बारे में कुछ भी साफ नहीं कर पाई। मुआवजे को लेकर किसान कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से बैठकें कर चुकी हैं मगर अभी तक नतीजा जीरो है। किसानों ने कहा कि एक तरफ तो एसडीएम कहते हैं कि कानून के मुताबिक काम किए जाएंगे, लेकिन सोमवार को वह खुद ही पुलिस फोर्स के साथ उनकी जमीनों पर निशानदेही करने पहुंच गए। इस बारे में किसानों को बताना भी जरूरी नहीं समझा गया।
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किसानों ने कहा कि जब तक उन्हें जमीनों का सही मूल्य नहीं दिया जाता तब तक वह अपनी कुर्बानियां तक देने के लिए तैयार हैं। इस मौके तहसीलदार अरविंद सलवान ने किसानों को विश्वास दिलाया कि किसानों को उनकी जमीन का सही मूल्य जब तक नहीं मिलता, तब तक एक्वायर की जमीन का इंतकाल नहीं किया जाएगा। इस मौके पर करीब 100 से 150 के करीब किसान उपस्थित थे।

--कोट--
प्रशासन सिर्फ निशानदेही कर रहा है न कि किसानों की मालकी को छीना जा रहा है। निशानदेही से कम से कम यह बात स्पष्ट हो जाएगी कि कॉरिडोर किन खेतों से होकर गुजरेगा और कॉरिडोर के व्यू के बारे में पता चल सकेगा। मुआवजे के बारे में किसानों से बैठक की जा रही हैं।
गुरसिमरन सिंह ढिल्लों, एसडीएम, डेरा बाबा नानक



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कैप्शन- डेरा बाबा नानक की रोड के बीच अपने बीमार किसान साथी को बीच में चारपाई पर लिटाकर प्रदर्शन करते हुये किसान
फोटो- 25जीडीआरबीटीएलपी01बी
कैप्शन- डेरा बाबा नानक के एसडीएम गुरसिमरन सिंह ढिल्लों नाराज किसानों को समझाते हुये।
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