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नशा मुक्त अभियान में दवा विक्रेता सरकार के साथ, लेकिन व्यर्थ में परेशान ना करें सरकार-अग्रवाल
Updated Fri, 20 Jul 2018 10:40 PM IST
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नशा मुक्त अभियान में दवा विक्रेता सरकार के साथ
दवा बिक्रेता बोले-व्यर्थ में परेशान न करे प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
तरनतारन। पंजाब को नशा मुक्त करने के नाम पर चलाई गई मुहिम का शिकार नशा तस्कर हो रहे हैं या नहीं, इस बारे का तो पता नहीं। लेकिन इस नशाबंदी अभियान का सारा दबाव दवा विक्रेताओं पर डाला जा रहा है। प्रशासन की तरफ से की गई सख्ती के चलते दवा विक्रेताओं को मानसिक दबाव सहना पड़ रहा है। बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा न बेचने के आदेश के बाद इन केमिस्टों का कार्य ठप हो कर रह गया है। क्योंकि सरकारी डॉक्टर तो गांव में मिलते नहीं, जबकि छोटे प्रेक्टिशनर को प्रशासन पहले से ही बंद करवा चुकी है। यह विचार केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बिमल अग्रवाल ने केमिस्टो की मीटिंग को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। बिमल अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने ड्रग रूल को एक तरफ कर केमिस्ट के ऊपर पुलिस एवं सिविल प्रशासन को बैठा दिया है। उन्होंने कहा कि दवा विक्रेताओं की दुकानों पर चेकिंग के लिए ड्रग इंस्पेक्टर का साथ होना जरूरी है। लेकिन जिला में ऐसा नहीं हो रहा। इसके कारण दवा विक्रेता परेशान है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से हो रही चेकिंग के कारण दवा विक्रेताओं का कारोबार खत्म होता जा रहा है। इसके चलते गरीब लोग दवा लेने से भी वंचित हो रहे हैं। गांव में भी प्रशासन ने प्रेक्टिशनर की सेवाएं बंद करवा दी हैं। आम लोगों की डॉक्टर के पास पहुंच न होने के कारण वह दवा लेने केमिस्ट के पास जाता है। इस पर प्रशासन के आदेश के अनुसार डॉक्टर की पर्ची न होने के कारण केमिस्ट उसे दवा नहीं दे सकता। इसके चलते आम लोग स्वास्थ्य सेवाएं लेने से वंचित हो रहे हैं। बिमल अग्रवाल ने बताया कि जिला तरनतारन में 10 ब्लॉक पट्टी, भिखीविंड, चोहला साहिब, फतेहाबाद, खडूर साहिब, वलटोहा, झबाल, हरीके, खेमकरण और नौशेहरा पनवा से 745 केमिस्ट एसोसिएशन के साथ जुड़े हुए हैं। यह सभी केमिस्ट पंजाब को नशा मुक्त करने के लिए पंजाब सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। लेकिन नशा मुक्ति के नाम पर सरकार को इन्हें परेशान नहीं करना चाहिए। इस मौके पर चेयरमैन सुखबीर सिंह, अश्वनी कुमार, सुखजिंदर सिंह, रोहित भारद्वाज, पुनीत वडेरा, संजय गुप्ता, पवन शर्मा, पवन कुमार मुराद पुरिया, शोभा सिंह, दिनेश पाठक उपस्थित थे।
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दवा बिक्रेता बोले-व्यर्थ में परेशान न करे प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
तरनतारन। पंजाब को नशा मुक्त करने के नाम पर चलाई गई मुहिम का शिकार नशा तस्कर हो रहे हैं या नहीं, इस बारे का तो पता नहीं। लेकिन इस नशाबंदी अभियान का सारा दबाव दवा विक्रेताओं पर डाला जा रहा है। प्रशासन की तरफ से की गई सख्ती के चलते दवा विक्रेताओं को मानसिक दबाव सहना पड़ रहा है। बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा न बेचने के आदेश के बाद इन केमिस्टों का कार्य ठप हो कर रह गया है। क्योंकि सरकारी डॉक्टर तो गांव में मिलते नहीं, जबकि छोटे प्रेक्टिशनर को प्रशासन पहले से ही बंद करवा चुकी है। यह विचार केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बिमल अग्रवाल ने केमिस्टो की मीटिंग को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। बिमल अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने ड्रग रूल को एक तरफ कर केमिस्ट के ऊपर पुलिस एवं सिविल प्रशासन को बैठा दिया है। उन्होंने कहा कि दवा विक्रेताओं की दुकानों पर चेकिंग के लिए ड्रग इंस्पेक्टर का साथ होना जरूरी है। लेकिन जिला में ऐसा नहीं हो रहा। इसके कारण दवा विक्रेता परेशान है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से हो रही चेकिंग के कारण दवा विक्रेताओं का कारोबार खत्म होता जा रहा है। इसके चलते गरीब लोग दवा लेने से भी वंचित हो रहे हैं। गांव में भी प्रशासन ने प्रेक्टिशनर की सेवाएं बंद करवा दी हैं। आम लोगों की डॉक्टर के पास पहुंच न होने के कारण वह दवा लेने केमिस्ट के पास जाता है। इस पर प्रशासन के आदेश के अनुसार डॉक्टर की पर्ची न होने के कारण केमिस्ट उसे दवा नहीं दे सकता। इसके चलते आम लोग स्वास्थ्य सेवाएं लेने से वंचित हो रहे हैं। बिमल अग्रवाल ने बताया कि जिला तरनतारन में 10 ब्लॉक पट्टी, भिखीविंड, चोहला साहिब, फतेहाबाद, खडूर साहिब, वलटोहा, झबाल, हरीके, खेमकरण और नौशेहरा पनवा से 745 केमिस्ट एसोसिएशन के साथ जुड़े हुए हैं। यह सभी केमिस्ट पंजाब को नशा मुक्त करने के लिए पंजाब सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। लेकिन नशा मुक्ति के नाम पर सरकार को इन्हें परेशान नहीं करना चाहिए। इस मौके पर चेयरमैन सुखबीर सिंह, अश्वनी कुमार, सुखजिंदर सिंह, रोहित भारद्वाज, पुनीत वडेरा, संजय गुप्ता, पवन शर्मा, पवन कुमार मुराद पुरिया, शोभा सिंह, दिनेश पाठक उपस्थित थे।