उत्तराखंड के नैनीताल में भीमताल हल्द्वानी मार्ग पर आमडाली के पास हुए दर्दनाक बस हादसे के घायलों ने हालत सुधरने के बाद कुछ ही पलों में घटित पूरी घटना बृहस्पतिवार को बयां की। घायलों ने बताया कि बस ठीक चल रही थी, रॉन्ग साइड में अचानक एक कार सामने आ गई। फिर उन्होंने बस पैरापिट तोड़ते हुए नीचे जाती देखी।
यह दृश्य देख चीख-पुकार मच गई, कुछ ही क्षणों बाद उनकी आवाज कराहने में बदल गई। सब कुछ बिखर गया। सुशीला तिवारी अस्पताल में सामान्य रोगियों के लिए बने वार्ड (जे) में भर्ती इन घायलों ने मुख्यमंत्री से मिली सांत्वना से हिम्मत मिलने की बात भी कही।
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भीमताल के आमडाली में खाई में गिरने से क्षतिग्रस्त हालत में रोडवेज बस
- फोटो : संवाद
चालक की बगल वाली सीट पर बैठे थे यशपाल
पिथौरागढ़ के रहने वाले और बीआरओ में कार्यरत यशपाल सिंह (44) वार्ड जे में भर्ती हैं। घायल पत्नी अभिलाषा और पुत्र जय आईसीयू में हैं। यशपाल ने बताया कि परिवार के साथ हल्द्वानी आ रहे थे। यहां उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल में ही आंखों का चेकअप कराना था। वह शुरू में चालक की बगल वाली सीट पर बैठे थे। खुटानी में कुछ छात्राओं के उतरने के बाद वह पिछले हिस्से में बैठने चले गए।
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भीमताल के आमडाली के पास बस हादसे में घायल यात्री खाई में पड़े हुए
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वह बच्चों के साथ फल खा रहे थे, तभी उनका बेटा चिल्लाया पापा देखो बस घूम रही है। सीट से खड़े होकर देखा तो बस नीचे की तरफ जा रही थी। बताया कि कार को बचाते हुए अनियंत्रित हुई बस आगे रेता होने के कारण धीरे-धीरे खिसकती हुए बढ़ी। फिर तीन-चार पलटी खाई। उस समय कुछ समझ में नहीं आया कि क्या करें। कुछ देर बाद आंखें बंद हो गई थीं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनका हाल जाना और कहा, सबकुछ ठीक हो जाएगा।
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भीमताल के आमडाली में खाई में गिरने से क्षतिग्रस्त हालत में रोडवेज बस
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डेढ़ साल की बेटी अभी भी बदहवास
मल्लीताल भीमताल निवासी बिरला स्कूल में लैब तकनीशियन रोहित बिष्ट (38) ने बताया कि वह भीमताल से बस में चढ़े और पीछे वाली सीट पर बैठ गए। मुश्किल से 15 मिनट बाद ही हादसा हो गया। पत्नी मनीषा ने डेढ़ साल की बेटी को गोद में चिपकाया हुआ था, इससे बच्ची को चोट तो नहीं आई। बोले अगर बेटी को चिपकाया न होता तो उसे कुछ भी हो सकता था और न जाने क्या दिन देखना पड़ता। हालांकि बच्ची बदहवास है। उनकी पत्नी भी हादसे में घायल हुई और अस्पताल में भर्ती हैं।
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घायलों को रस्सी के सहारे खाई से बाहर निकालते स्थानीय लोग
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इलाज के लिए पिता के साथ हल्द्वानी आ रहा था लकी
अस्पताल में भर्ती मुनस्यारी निवासी लकी (16) की बुआ जीवंती देवी ने रोते हुए बोली कि उनका भाई ठाकुर सिंह अभी आईसीयू में भर्ती है। वह लकी की उंगली की सर्जरी कराने के लिए हल्द्वानी आ रही थीं। बताया कि लको 12वीं का छात्र है। हादसे के बाद लकी भी परेशान दिखा और बोला कि पिता की हालत बेहद खराब है।