वाराणसी के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक लहरतारा-चौकाघाट पर आज से ठीक एक साल पहले 15 मई 2018 को शाम साढ़े पांच बजे एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ था। लहरतारा-चौकाघाट पर रोजाना की तरह ही उस दिन भी जाम लगा था। कार और बस में परिवार और अन्य साथियों संग हंसते-बोलते जा रहे लोगों की चीख तक निकल नहीं पाई। कैंट स्टेशन के समीप निर्माणाधीन फ्लाईओवर 15 जिंदगियों पर काल बनकर टूटा। इसके साथ ही 20 लोग घायल हो गए थे। उस दिन भयावह मंजर देख कई लोगों की आंखे भर आई। आज उस हादसे की बरसी है। बनारस के इतिहास के सबसे दर्दनाक हादसे की तस्वीरें देखें आगे की स्लाइड्स में...
वाराणसी कैंट पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का बीम गिरने के बाद कई वाहन इसकी चपेट में आ गए थे। मंजर यह था कि बीम के नीचे दबे, फंसे वाहनों से केवल चीखें सुनाई दे रही थीं। अंदर बुरी तरह फंसे लोगों में से कोई हाथ हिला रहा था तो कोई पानी मांग रहा था। किसी गाड़ी में फंसे बच्चे की रोने की आवाज से भी कई लोग दर्द में नजर आए। कहीं-कहीं तो केवल तड़प भर सुनाई दे रही थी।
वाहनों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने और वाहनों तक पहुंचने की जगह न होने के चलते आम लोग चाहकर भी उनकी मदद नही कर पा रहे थे। यह मंजर देख कई लोगों की आंखे भर आई। हजारों टन भार का बीम गिरने की वजह से चपेट में आए वाहन चकनाचूर हो गए थे। वाहनों के पिचकने, टूटने की वजह से कई लोग इसमें फंसे थे और वहां मौजूद इंसान असहाय सा लोगों को मरता देख रहा था।
बाहर फंसे लोगों को तो बचा लिया गया पर अंदर गाड़ियों में फंसे लोगों की केवल कराह सुनाई दे रही थी। जीवन की उम्मीद में एक स्विफ्ट कार में फंसी महिला हाथ हिला रही थी पर उस तक पहुंचे पर उसे निकालना संभव नही था। वह कार में फंस गई थी। लोग कई बार उसे निकालने का प्रयास किए पर असफलता ही हाथ लगी। इसी तरह एक और व्यक्ति भी वाहन में फंसा बचाव के लिए चिल्ला रहा था और लोगों से पानी मांग रहा था। बचाव कार्य चलने के दौरान लोगों ने उसे पानी पिलाया। फ्लाईओवर के नीचे लोग वाहनों में इस कदर फंसे थे कि केवल उनकी चीखें सुनाई दे रही थी। इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
कार और बस में परिवार और अन्य साथियों संग हंसते-बोलते जा रहे लोगों की चीख तक निकल नहीं पाई। सोचा भी नहीं होगा कि राह चलते इस तरह काल दबोच लेगा। वाराणसी के लहरतारा कैंट रेलवे स्टेशन रोड पर रोजाना की तरह वाहनों की आवाजाही लगी हुई थी। लहरतारा से लेकर कैंट तक जाम लगा हुआ था। इसी दौरान अचानक धड़ाम की तेज आवाज गूंजी।