यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन मंगलवार को खत्म हो गया। अब शिक्षा विभाग की ओर से माध्यमिक शिक्षा परिषद को विषयवार एवार्ड ब्लैंक भेजने की तैयारी चल रही है। लेकिन कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों को छात्रों की कॉपियों में अजीबोगरीब उत्तर के साथ रुपये भी मिले। देखें आगे की स्लाइड्स में...
यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान हर दिन चौंकाने वाले मामले सामने आए। कुछ परीक्षार्थियों ने जिंदगी सुधारने की गुहार लगाई, तो कुछ ने कॉपियों में रुपये रखकर अच्छा नंबर देने की सिफारिश भी की। सारनाथ स्थित महाबोधि इंटर कॉलेज में मूल्यांकन कर रहे एक शिक्षक ने जैसे ही सामाजिक विज्ञान की कॉपी खोली उसमें लिखा था 'जा कॉपी सर्र से सर के पास, दया करेंगे तो कर देंगे पास...।'
वहीं, वाराणसी के राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में गणित और विज्ञान की कॉपी में 500 और 2000 के नोट मिले। तो वहीं, सामाजिक विज्ञान, हिंदी आदि में शायरी, गीत मिलने लगे हैं। एक छात्र ने अपनी कॉपी में लिखा था 'हमने पत्थर से जिनको बनाया खुदा, वो क्या से क्या हो गए देखते-देखते...।'
इसके पहले 15 मार्च को आजमगढ़ में इंटरमीडिएट भौतिक विज्ञान और हाईस्कूल विज्ञान विषयों की कॉपियां चेक हो रही थी। परीक्षकों ने जब कॉपियां चेक करना शुरू किया तो ज्यादातर कापियों में से 100 और 50 के नोट मिलने लगे। नोट मिलने से परीक्षकों की तो बल्ले-बल्ले रही। परीक्षकों ने कॉपियों में मिले नोटों से मूल्यांकन केंद्रों पर ही पार्टी मनाना शुरू कर दिया। वहीं एक केंद्र पर मिली छात्रा की कॉपी में बहुत ही मार्मिक पत्र लिखा मिला। जिसमें छात्रा ने लिखा था कि 'मैं बहुत गरीब हूं, मां की मौत हो चुकी है, सर जी किसी भी तरह पास कर दीजिए।' वहीं एक अन्य कॉपी में दया करने की अपील लिखी हुई थी- 'सर दया कर के पास कर दिजीएगा...'। वहीं, शेरो शायरी, लव लेटर, फिल्मी गाने और डायलॉग तो ज्यादातर कॉपियों में लिखे मिल रहे हैं।
इसके पहले 12 मार्च को वाराणसी के सारनाथ स्थित महाबोधि इंटर कॉलेज में चल रहे बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान सामाजिक विज्ञान की कॉपियां जांची जा रही थीं। जिसमें लिखा था कि 'पास कर दिए तो आप मेरे बहनोई, नहीं किए तो हम आपके बहनोई...।' 'हमें पास कर देना क्योंकि सरकार आपको पैसा देती है...।' 'मैं अपनी जमीन जायदाद आपके नाम कर दूंगा पता भेज दीजिए, परीक्षा पास होने पर 10 हजार रुपये भी दूंगा...।' ये अजीबो गरीब गुहार पास होने का सपना पूरा करने के लिए परिक्षार्थी परीक्षकों से लगा रहे हैं।