{"_id":"5bbdd8c6867a552872438f1a","slug":"there-are-nine-shaktipeeth-in-varanasi-know-about-it","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"काशी में हैं नौ मातृशक्ति पीठ, शारदीय नवरात्र में जानिए नौ देवियों के दर्शन की महिमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी में हैं नौ मातृशक्ति पीठ, शारदीय नवरात्र में जानिए नौ देवियों के दर्शन की महिमा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 17 Oct 2018 05:49 PM IST
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिव की नगरी काशी में पौराणिक कालीन नौ मातृ शक्ति पीठों के स्थान आज भी सुरक्षित हैं। शारदीय नवरात्र में नौ मातृ शक्ति पीठों के दर्शन कर श्रद्धालु सकल मनोरथ सिद्ध कर सकते हैं। दशाश्वमेध तीर्थ से लेकर राजघाट के बीच इन देवियों के दरबारों में भक्त हाजिरी लगा सकते हैं, जहां सविधि पूजन से मनसा, वाचा ,कर्मणा से जाने अनजाने में हुए पापों के शमन के साथ ही आरोग्य, सुख, समृद्धि के साथ ही कल्याण का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इस मातृशक्ति पीठों की महिमा लिंग पुराण और काशी खंड में भी बताई गई है। तो आइए, जानिए काशी के नौ मातृशक्ति पीठों के बारे में। देखें आगे की स्लाइड्स में..
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
नौ मातृशक्ति पीठों में प्रथम देवी ब्राह्मी हैं। बालमुकुंद चौहट्टा में मकान नंबर डी 33/63 में ब्रह्म विद्या की प्रदाता इस देवी का धाम है। इसके बाद नाम आता है मां माहेश्वरी का। ज्ञानवापी के नैऋत्य कोण में पीपल के वृक्ष से होकर बाबा विश्वनाथ की कचहरी की ओर जाने वाले गलियारे में मां माहेश्वरी विराजित हैं।
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
तीसरी मातृ शक्ति का नाम है ऐंद्री। मां ऐंद्री देवी का स्थान मणिकर्णिका घाट पर तारकेश्वर मंदिर के पश्चिम और इंद्रेश्वर के दक्षिण स्थित है। इसी तरह मीरघाट के पास दाल्भ्येश्वर महादेव के समीप उत्तर भाग वाले भवन संख्या डी 16/84 में वाराही देवी का मातृशक्ति पीठ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनके दर्शन से विपत्तियों का नाश हो जाता है। इसी तरह वैष्णवी देवी को नारायणी के नाम से पुराणों में उल्लिखित किया गया है। गायघाट के निकट राजमंदिर के उत्तर स्थित शीतला माता को ही नारायणी मातृ शक्ति पीठ के नाम से जाना जाता है। नवरात्र में इनके दर्शन-पूजन से किसी भी तरह के पातकों का शमन हो जाता है।
विज्ञापन
navratri puja 2018
इसी क्रम में मां कौमारी देवी का नाम है। कौमारी देवी महादेव(बाबा विश्वनाथ) पश्चिम स्कंदेश्वर के समीप लिंग पुराण में दर्शाया गया है। अब वहां न तो स्कंदेश्वर का स्थान स्पष्ट है न तो मां कौमारी का। इसी तरह चामुंडा माता का स्थान भदैनी में महामुंडा के नाम से जाना जाता है।