कोडीन युक्त कफ सिरप का मास्टरमाइंड और 75 हजार का मुख्य सरगना शुभम जायसवाल जल्द ही इंटरनेशनल अपराधी घोषित होगा। उसे भारत लाने की तैयारी तेज कर दी गई है। वाराणसी पुलिस ने उसके अपराधों की जानकारी सीबीआई की इंटरपोल शाखा से साझा की है।
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शुभम जायसवाल के मकान में रूफ टॉप पर स्वीमिंग पूल।
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गृह मंत्रालय से अनुमति मिलते ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी होगा। शुभम के खिलाफ लुकआउट नोटिस और गैर जमानती वारंट जारी है। हालांकि, वह पहले ही देश छोड़कर दुबई भाग चुका है। इस प्रक्रिया में दो महीने का वक्त लग सकता है। रेड कॉर्नर जारी होते ही बाकी कि कार्रवाई दुबई पुलिस करेगी। इसके बाद इंटरपोल की मदद से आरोपी शुभम जायसवाल का भारत लाया जाएगा।
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शुभम जायसवाल, पिता भोला प्रसाद जायसवाल, शिवम द्विवेदी।
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कफ सिरफ के काले कारोबार का खुलासा होते ही और कोतवाली थाने में 15 नवंबर को शुभम जायसवाल समेत 28 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार शुभम 10 दिन पहले ही यानी पांच नवंबर को देश छोड़कर गया। प्रकरण में ज्यादातर आरोपियों की गिरफ्तार हो चुकी हैं।
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शुभम जायसवाल का पिता भोला प्रसाद जायसवाल
- फोटो : अमर उजाला
शुभम अभी पुलिस से बच रहा और दुबई से कफ सिरप से अर्जित काली कमाई को खपा रहा है। डीसीपी गौरव बंशवाल ने बताया कि यूएई से अंतरराष्ट्रीय कानून संधी (ट्रीटी) है और काम कूटनीतिक चैनलों से होता है। शुभम को देश लाने के लिए कानूनी आधार मजबूत है, लुक आउट नोटिस, गैर जमानती वारंट के साथ ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
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अमित सिंह टाटा और शुभम जायसवाल।
- फोटो : संवाद
शुभम ने दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की काली कमाई की। ड्रग और औषधि विभाग, एसआईटी और एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि इसका नेटवर्क गाजियाबाद, कानपुर, त्रिपुरा, पूर्वांचल और झारखंड तक फैला है। फर्जी फर्म की मदद से केवल कागजों पर बिलिंग और सप्लाई, जीएसटी इनवाइस, ई-वे बिल और फर्जी दस्तावेज के सहारे दो हजार करोड़ से ज्यादा की काली कमाई की। सहयोगियों के माध्यम से कई फर्जी फर्में खुलवाई थीं।