अगले आम चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने संसदीय क्षेत्र में यह आखिरी दौरा बताया जा रहा है। ऐसे में राजनीतिज्ञ इस दौरे को उसी नजरिए से देख रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra modi) ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं को मंच से अपना एजेंडा बताया। समझा दिया कि अब सिर्फ ‘काम की बात’ होगी। पांच साल में सरकार ने आम लोगों की बेहतरी के लिए जो कुछ भी किया है, अब पार्टी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे इसका प्रचार-प्रसार करें। साथ ही योजनाओं की निगरानी में कोताही न बरतें। देखें आगे की स्लाइड्स में...
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pm modi in varanasi
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अहम माने जा रहे इस दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra modi) ने हजारों करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण कर जहां अपनी कथनी-करनी में अंतर नहीं होने का प्रमाण दिया वहीं 214 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास कर यह भी जाहिर कर दिया कि काशी के कायाकल्प और बनारस के बदलाव का सिलसिला रुकने वाला नहीं है। पीएम ने यह बताने में संकोच नहीं किया कि साढ़े चार साल में वह काशी को नए भारत की नई ऊर्जा का केंद्र बनाने के प्रयास में काफी हद तक सफल हुए हैं।
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pm modi road show in varanasi
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आईआईटी बीएचयू में स्थापित सुपर कंप्यूटर ‘परम शिवाय’ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra modi) ने कहा कि महादेव की यह पवित्र नगरी अब तकनीक के क्षेत्र में देश और दुनिया का मार्गदर्शन करेगी। भाषण के समापन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra modi) ने कहा- ‘ऐसा संभव हुआ क्योंकि आपने 2014 में एक मजबूत सरकार के लिए वोट दिया था। इस काम को और विस्तार देने के लिए इसे और भी मजबूत करना होगा।'
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modi in varanasi
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जानकार मानते हैं कि ‘मन की बात’ को पंडाल में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ उन्हें दूर से सुनने वाले समर्थकों और आम लोगों ने बखूबी समझ लिया है। लोग मानते हैं कि केंद्र में अगली मजबूत सरकार के गठन का रास्ता फिर उत्तर प्रदेश से ही जाएगा। उनका मानना है कि पूर्वांचल के औद्योगिक विकास और वाराणसी के ढांचागत विकास की अभी चल रही परियोजनाओं को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra modi) का वाराणसी से एक बार फिर सांसद चुना जाना लाभकारी रहेगा।
समीक्षक मानते हैं कि नरेंद्र मोदी (Narendra modi) के ‘वंस मोर’ होने पर ही अगले पांच साल में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पूरा होने से लेकर पांच राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण से जुड़ी परियोजनाएं मूर्त रूप ले सकेंगी। यही नहीं, वह कई उन परियोजनाओं को गिनाते हैं, जिनसे उनका जीवन स्तर ही नहीं, बदल जाएगा और कहीं भी पहुंच आसान हो जाएगी।