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पहले ईंट भट्टे पर ट्रैक्टर चलाता था मुन्ना बजरंगी, फिर ऐसे हुई जरायम जगत में एंट्री
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Mon, 09 Jul 2018 09:24 PM IST
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Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के जौनपुर में 1967 में पैदा हुआ मुन्ना बजरंगी सिर्फ पांचवीं तक पढ़ा था। अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले वह एक ईंट भट्टे पर ट्रैक्टर चलाने का काम करता था। इसके बाद में वह कालीन बुनने लगा। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
1982 में मुन्ना बजरंगी पर लूट और हत्या का केस दर्ज हुआ था। 1984 में उसने रामपुर थाना क्षेत्र के रामपुर और गोपालापुर के बीच कालीन व्यवसायी को लूट की नीयत से गोली मार दी थी। कालीन व्यवसायी की मौत के बाद वह पुलिस की निगाह में आ गया तो वाराणसी के डिप्टी मेयर अनिल सिंह के शरण में चला गया। यहां से उसके तार जौनपुर के विनोद सिंह नाटे से जुड़ गए।
Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
विनोद सिंह और माफिया गजराज सिंह के संरक्षण में मुन्ना ने जिला कारागार के सामने भाजपा नेता रामचंदर सिंह सहित तीन लोगों की हत्या कर सिपाही की कारबाइन लूटी और फरार हो गया। 1995 में वाराणसी के कैंट थाने में मुन्ना पर हत्या का मामला दर्ज हुआ।
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Munna Bajrangi
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद 1996 में रामपुर में मारपीट, प्राणघातक हमला, हत्या, 1996 में मंडुवाडीह में हत्या, 1997 में रामपुर में प्राणघातक हमला, उसी साल लंका में हत्या, 1996 में समयपुर बादली में प्राणघातक हमला, 2002 में दशाश्वमेध में हत्या, उसी साल चेतगंज में हत्या, 2005 में गाजीपुर के भांवरपुर में हत्या, 2009 में दिल्ली में साजिश का केस, 2012 में कैंट में केस सहित 28 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की मानें तो जमालपुर में 1996 में पहली बार जिले में एके-47 तड़तड़ाईं थीं, जब टीडी कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार सिंह एवं रामपुर ब्लाक प्रमुख कैलाश दूबे, अमीन बांकेलाल तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद मुन्ना ने वाराणसी में चार लोगों की हत्या कर दी। 2003-04 के दौरान वह मुख्तार अंसारी के संपर्क में आया।