उत्तर प्रदेश के मछलीशहर के भाजपा सांसद रामचरित्र निषाद और पूर्व मंत्री जगदीश नारायण राय के सपा में शामिल होने के बाद जिले का राजनैतिक माहौल गरम हो गया है। रामचरित्र निषाद के भाजपा 'डैमेज कंट्रोल' में जुटी है। देखें आगे की स्लाइड्स में...
मछलीशहर के सांसद रामचरित्र निषाद का लंबा राजनैतिक सफर रहा है। बस्ती के मूल निवासी रामचरित्र निषाद दिल्ली में आवास बनाकर रहते हैं। 2009 में मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र से अपना दल से चुनाव लड़े और बाद में भाजपा में शामिल होकर वर्ष 2014 का चुनाव भाजपा से लड़े।
दिल्ली राज्य से उनके अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र को लेकर काफी मुकदमेबाजी हुई, उन्हें कोर्ट से हाल ही में राहत मिली थी। भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। जिसके बाद वह सपा में शुक्रवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में शामिल हो गए। उनके सपा में शामिल होने से भाजपा को झटका लगा है।
उधर, आजमगढ़ नामांकन करने आए सपा मुखिया अखिलेश यादव के समक्ष जफराबाद से विधायक रहे और बसपा कार्यकाल में मंत्री रहे पूर्व मंत्री जगदीश राय जो 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस में शामिल हुए थे। वे भी सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।
शाहगंज के विधायक पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई का कहना है कि सपा में तेजी से निषाद नेताओं का रुझान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को पिपराइच की पूर्व विधायक राजमति निषाद और उनके पुत्र अमरेंद्र निषाद जो हाल ही में सपा छोड़कर भाजपा में गए थे फिर वापस सपा में लौट आए। भाजपा छोड़कर सांसद रामचरित्र निषाद ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। उन्होंने कहा है कि भाजपा हर मोर्चे पर विफल है। लोकसभा चुनाव में भाजपा अपनी हार देखकर बौखला गई है। कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है।