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जानिए उस मंदिर के बारे में जहां आज आ रहे सीएम योगी, पीएम मोदी भी कर चुके हैं दर्शन

Wed, 31 Jan 2018 11:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 31 Jan 2018 11:58 AM IST
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sir gobardhan - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज वाराणसी आने वाले हैं। यहां वो संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धन जाएंगे। रविदास मंदिर में मत्था टेकेंगे, सोने की पालकी का दर्शन करेंगे और लंगर में भक्तों के साथ प्रसाद भी छकेंगे। दो साल पहले पीएम मोदी भी संत रविदास जयंती पर इस मंदिर में आये थे। यहां अरविंद केजरीवाल, मायावती सहित कई राजनेताओं ने आकर शीश नवाया है। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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sir gobardhan - फोटो : अमर उजाला
' मन चंगा तो कठौती में गंगा' इस बात को कहने वाले कबीर के समकालीन संत रविदास का जन्म 31 जनवरी को माघी पूर्णिमा के दिन वाराणसी के सीर गोवर्धन में हुआ था। सीरगोवर्धन में उनके जनस्थल पर भव्य मंदिर है। जहां हर साल दुनिया भर में फैले उनके भक्तों का मेला लगता है। तीन दिन तक यहां उत्सव होता है। इस वर्ष भी सीर गोवर्धन के गलियों में उनके जन्म का उत्साह झलक रहा है।

 
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sir gobardhan - फोटो : अमर उजाला
रविदास जयंती के मौके पर गुरु रविदास की जन्मस्थली वाराणसी स्थित सीर गोवर्धन में हर ओर आस्था और उमंग है। धर्म की नगरी काशी में संत रविदास के मंदिर को काशी विश्वनाथ मंदिर के बाद दूसरे ‘गोल्डन टेंपल’ के नाम से जाना जाता है। 

 
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sir gobardhan - फोटो : अमर उजाला

संत रविदास मंदिर के शिखर का कलश और मंदिर में संत रविदास की पालकी से लेकर छत्र तक सब कुछ सोने का है। जिनका दर्शन जयंती समारोह के दौरान ही मिलता है। हर साल देश-विदेश से बड़ी तादाद में संत के अनुयायी जयंती पर मत्था टेकने यहां आते हैं।



 
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sir gobardhan - फोटो : अमर उजाला

संत रविदास की पालकी 130 किलो वजनी सोने की है। इसे 2008 में यूरोप के अनुयायियों ने पंजाब के जालंधर में बनवाई थी। इसका अनावरण बसपा सुप्रीमो मायावती ने फरवरी 2008 में किया था। इस पालकी को साल में एक बार जयंती के दिन निकाला जाता है। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि पहला स्वर्ण कलश 1994 में संत गरीब दास ने संगत के सहयोग से चढ़ाया था।  2012 में 35 किलो का सोने का स्वर्ण दीपक बनवाया गया। इसमें अखंड ज्योति जल रही है


 
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