धर्मनगरी काशी में लॉकडाउन में बंद हुए सभी मंदिरों के कपाट अब श्रद्धालुओं के लिए खोले जा चुके हैं। काशी विश्वनाथ, काल भैरव और संकट मोचन समेत सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा है। मंदिर में प्रवेश करने के लिए श्रद्धालुओं को कोरोना गाइडलाइन का पालन करना पड़ रहा है।
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लाइन लगाकर खड़े श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
संकट मोचन मंदिर आज सुबह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया है। संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्र ने बताया कि 183 दिनों बाद आज से मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं।
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मौके पर मौजूद पुलिस और लाइन लगाकर खड़े श्रद्धालु।
- फोटो : ANI
कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार श्रद्धालुओं को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ ही प्रवेश दिया जा रहा है। साथ ही सैनिटाइजेशन का इंतजाम किया गया है। मंदिर में एक बार में सिर्फ 10 श्रद्धालु ही प्रवेश कर पा रहे हैं।
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काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में रखा जा रहा सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल।
- फोटो : अमर उजाला।
24 मार्च से कोरोना संक्रमण के कारण बंद हुए काशी विश्वनाथ के कपाट 9 जून को बाबा दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए थे। इस दौरान कुछ शर्तों के साथ ही भक्तों को बाबा दरबार में प्रवेश दिया जा रहा है। श्रद्धालु इस दौरान मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं। मंदिर के कपाट 81 दिनों तक बंद रहे थे।
काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के कपाट 7 अगस्त को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए थे। 22 मार्च को बंद हुए मंदिर के कपाट 141 दिनों बाद श्रद्धालओं के लिए खुले थे। इस दौरान दौरान महामारी एक्ट और कोविड-19 से जुड़े नियमों का अनुपालन किया जा रहा है और भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और मास्क लगाने के लिए कहा जा रहा है।