प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक गांव ऐसा भी है जहां पर आठवीं के बाद लड़कियां पढ़ाई छोड़ देती हैं। लेकिन अब इस गांव के अच्छे दिन आने वाले हैं क्योंकि पीएम मोदी इस गांव को सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लेने वाले हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के इस गांव में 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं बेटियां
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चौथे सांसद आदर्श गांव डोमरी फिलहाल कई समस्याओं से दो-चार हो रहा है। जब से गांव को प्रधानमंत्री द्वारा गोद लेने की संभावना बनी, तब से यहां जरूर कुछ बदलाव हुआ है। गांव के प्राइमरी स्कूल की हालत भी सुधरी है। गांव की सबसे बड़ी समस्या यहां की लड़कियों की आठवीं कक्षा के बाद की पढ़ाई और विद्युतीकरण की है। यहां की लड़कियों को आगे की पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है। इसके चलते ज्यादातर लड़कियों की पढ़ाई छूट जाती है।
इसके अलावा यहां लकड़ी की बांस-बल्ली पर जर्जर तार झूल रहे हैं। आए दिन तार टूटते रहते हैं और बिजली आपूर्ति बाधित होती है। गांव के श्मशान घाट पर बिहार तक से लोग शव लेकर आते हैं। उनके लिए सड़क, शेड और पानी की व्यवस्था नहीं है। गांव में जो हैंडपंप लगे हैं वे सभी चालू तो हैं लेकिन उनसे निकलने वाली पानी में आर्सेनिक है। इसके लिए जल निगम के अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है। जल्द ही यहां टंकी का निर्माण होगा।
जानकारों का कहना है कि जमीन से 1000 फीट नीचे से पानी उपलब्ध कराया जाएगा तो आर्सेनिक की समस्या दूर हो जाएगी। हालांकि हाल ही में पीएम मोदी के आदर्श गांवों में कराए जाने वाले कार्यों की निगरानी करने वाले सांसद सीआर पाटिल गांव आए थे। उन्होंने व्यायामशाला के सामने कुर्सी लगवाई और कंक्रीट का शेड बनवाया है। कुछ जगहों पर सड़कें खराब हैं लेकिन जिला प्रशासन ने गांव की सड़कों की मरम्मत करवा दी है।
ग्राम प्रधान छोटेलाल पटेल का कहना है कि पहले कोई यहां आता नहीं था। जब से पता चला कि पीएम इस गांव को गोद ले रहे हैं तब से अधिकारी यहां आने लगे हैं। पीएम मोदी पूछेंगे तो उनसे बच्चियों के लिए कॉलेज और विद्युतीकरण की मांग करूंगा।