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आजमगढ़ और मऊ में खतरे के निशान से ऊपर घाघरा, बाकी नदियों का पूर्वांचल में ऐसा है हाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:41 PM IST
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यहां जलस्तर 70.47 मीटर दर्ज किया गया। पानी 24 घंटे में तीन सेमी बढ़ रहा है। सेमरी में आठ घर और 20 बीघे जमीन कटान की जद में आ चुकी है। 60 मजरों पर खतरा बना हुआ है। कई संपर्क मार्गों पर पानी लग गया है। मऊ में घाघरा खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे 69.65 मीटर पर बह रही थी। यहां 24 घंटे में पांच सेमी पानी बढ़ रहा है।
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बलिया में जयप्रकाशनगर के चांददियर पंचायत के टोला फतेहराय गांव के उत्तरी छोर के निचले इलाके में घाघरा का पानी फैलने लगा है। चंदौली और मिर्जापुर में गंगा का पानी तीन सेमी प्रति घंटे तो भदोही में ढाई घंटे में दो सेंटीमीटर बढ़ रहा है, जबकि गाजीपुर में स्थिर है। बलिया में गंगा एक सेमी प्रति घंटे बढ़ रही हैं।
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रामगढ़ के गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। गंगापुर में बनाए गए तीन कटर में से एक का निचला हिस्सा बह गया। गंगापुर से केहरपुर तक कटान तेज हो गई है। उधर, वाराणसी में मंगलवार की रात से पानी कम होने लगा है। मंगलवार को गंगा का जल स्तर 65.83 पर था वह बुधवार को पांच सेमी घटकर 65.78 मीटर पर आ गया।
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आजमगढ़ में कई दिनों से घाघरा में बढ़ाव-उतार जारी है। बुधवार को डिघिया नाले पर घाघरा खतरा बिंदू से सात सेमी ऊपर बह रही है। यहां जलस्तर 70.47 मीेटर दर्ज किया गया। वहीं बदरहुआ नाले पर जलस्तर 71.32 मीटर दर्ज किया गया। यहां पर घाघरा फिलहाल लाल निशान से सात सेमी. नीचे बह रही है। घाघरा में 3 सेमी. की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। वहीं सेमरी गांव में जबर्दस्त कटान हो रही है। पिछले चौबीस घंटे में 8 घर और 20 बीघे जमीन कटान की जद में आ चुकी है वहीं 60 मजरों पर खतरा बना हुआ है। क्षेत्र के दर्जनों गांवों के संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी जमा है।