मकर संक्रांति पर बुधवार को भोर से ही लोगों ने गंगा में डुबकी लगाकर उत्तरायण सूर्य को प्रणाम किया। आराध्य देवों की दर पर मत्था टेका और दान-पुण्य कर रहे हैं। साथ ही पकवानों का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।
पुण्य सलिला में स्नान कर भगवान भाष्कर को भक्तों ने किया नमस्कार, बाबा दरबार में दर्शन को लगी कतार
मान्यता है कि बाबा भोलेनाथ की नगरी में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गंगा स्नान कर तिल-गुड़ दान करने से सुख व शांति संग अक्षय फल की प्राप्ति होती है। भारी भीड़ के चलते काशी विश्वनाथ मंदिर के तीनों प्रवेश द्वार पर लंबी लाइन लगी और दिन भर यलो जोन की गलिया जाम रहीं।
मंडियां और बाजार हमेशा की तरह शुक्रवार को भी सामग्रियों से पटे रहे मगर आज रुतबा किसी का था तो तिल-गुड़ से निर्मित लड्डू, तिलवा, तिलकुट सहित अन्य आइटम का। दशाश्वमेध, गोदौलिया, चेतगंज, जगतगंज, विश्वेश्वरगंज, सोनारपुरा, लंका, सुंदरपुर, वरुणापार क्षेत्र मेंभोजूबीर, अर्दली बाजार, पांडेयपुर, पहड़िया में तो तिल-गुड़, लइया, पट्टी, चूड़ा की अस्थाई दुकानें पग-पग पर दिखीं।
गंगा घाटों की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
मकर संक्रांति के मद्देनजर पुलिस की ओर से सुरक्षा-व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद है और आला अधिकारी गंगा घाटों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते देखे गए। भेलूपुर, दशाश्वमेध, चौक और कोतवाली थाना प्रभारी को अतिरिक्त सतर्कता के साथ ड्यूटी करने का निर्देश दिया।
जल पुलिस भी गंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सजग दिखाई दी। एसएसपी ने बताया कि जेबकतरों और पाकेटमारों की धरपकड़ के लिए सादे कपड़े में महिला और पुरुष सिपाही प्रमुख गंगा घाटों पर तैनात किए गए हैं।