मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को काशी विश्वनाथ के दरबार पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई। इसके बाद काशी विश्वनाथ धाम का अवलोकन किया। साथ ही निर्माण कार्य के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक में बाढ़ राहत शिविरों में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा का विशेष ख्याल रखने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रत्येक शिविर में महिला आरक्षी और बाढ़ प्रभावित गांव व वार्ड में नोडल अधिकारी तैनात करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने सितंबर तक बाढ़ के खतरे से अलर्ट रहने का निर्देश दिया।
वाराणसी में मुख्यमंत्री: बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा, बाबा दरबार में लगाई हाजिरी, बैठक में आधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश, बांटी राहत सामग्री
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बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में लोगों को गर्म पानी के सेवन के लिए जागरूक करें। प्रकाश के लिए पेट्रोमैक्स व अन्य साधनों की व्यवस्था करें। जब बाढ़ पानी नीचे आएगा तब स्वास्थ्य, पंचायत व नगर विकास विभाग को सतर्क रहना होगा। वहां स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, स्वच्छ पेयजल उपलब्धता का कार्य करना होगा। बाढ़ से जहरीले कीड़े, कुत्तों की समस्या बढ़ेगी, ऐसे में एंटी स्नेक, एंटी रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता कराएं। बाढ़ चौकी और राहत शिविर 24 घंटे सक्रिय रहें।
पशुओं के चारे, दवा की समुचित व्यवस्था रखें और पशुपालकों से संवाद रखें। बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों से सहानुभूतिपूर्वक व संवेदनशीलता से पेश आएं। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाये और लोगों को सतर्कता के प्रति सावधान करें ताकि कहीं चोरी की घटना नहीं हो। उत्तराखंड, राजस्थान, बुंदेलखंड क्षेत्र आदि में भारी वर्षा होती है, तो उसका प्रभाव गंगा नदी में आता है जो वाराणसी पर असर डालेगा।
बाढ़ क्षेत्रों में बढ़ाएं निगरानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से मिर्जापुर, भदोही व चंदौली में बाढ़ की स्थिति एवं राहत कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी मिर्जापुर को बाढ़ क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, बाढ़ से मिर्जापुर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। मिर्जापुर में 404 गांव प्रभावित हुए हैं, जिसमें 141 में आबादी प्रभावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में कमांड कंट्रोल रूम का अच्छा उपयोग हुआ था, इसे बाढ़ राहत, सूचना के आदान-प्रदान में उपयोग कर सकते हैं। सभी चारों जिलों में राहत कार्य तत्काल उपलब्ध कराएं। बाढ़ क्षेत्रों में नावों की समुचित संख्या में व्यवस्था रखें। भदोही भी सावधानी व सतर्कता रखें।
राहत कार्यो में जनप्रतिनिधियों का लें सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में धन की कमी नहीं है, सही समय पर मदद पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। कोई बाढ़ पीड़ित व्यक्ति राहत सामग्री से वंचित नहीं रहे। जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों का सहयोग ले। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में वर्षा होती है तो उसका प्रभाव गंगा में आता है जो वाराणसी में दिखता है। इसलिए सावधानी व सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है। मिर्जापुर व वाराणसी में पुलिस द्वारा 42 नावे संचालित है। 25 सब इंस्पेक्टर 100 सिपाही वायरलेस सेट के साथ चौकसी व राउंड कर रहे हैं।