वाराणसी के बीएचयू में मंगलवार को हुए कत्लेआम में कई अन्य लोगों की भी जान जा सकती थी। संयोग अच्छा था कि वहां उपस्थित लोग बच गए। 10 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की पांच गोलियां तो अकेले गौरव सिंह को ही लगी थी। गौरव के साथ मौजूद छात्रों ने बयां किया वारदात का खौफनाक मंजर, देखें आगे की स्लाइड्स में...
बीएचयू परिसर स्थित बिड़ला 'ए' चौराहे के समीप दो बाइकों पर सवार बदमाशों ने सरेराह जिस तरह से अंधाधुंध फायरिंग की, उससे कई छात्रों और राहगीरों की जान जा सकती थी। गौरव के साथ मौजूद छात्रों ने कहा कि संयोग अच्छा था कि अन्य लोग बाल-बाल बच गए। छात्रों ने बदमाशों ईंट-पत्थर फेंकने शुरू किए तो सभी भाग निकले।
आशुतोष सिंह और आशीष ने बताया कि बाइक सवार बदमाश बिड़ला 'ए' चौराहे के पास आए और गौरव को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। आठ से दस राउंड हुई फायरिंग से भगदड़ मच गई। गोली चलने की आवाज सुन कर वहां से गुजर रहे कई राहगीर अपनी बाइक और साइकिल छोड़ कर भाग खड़े हुए। माहौल सामान्य होने पर सभी ने अपनी बाइक और साइकिल ली।
आशुतोष सिंह और आशीष का कहना है कि बदमाशों ने रेकी कर गौरव के बारे में सूचना एकत्रित की होगी, इसके बाद वह बिड़ला 'ए' चौराहे के पास आए और वारदात को अंजाम दिया। उधर, लंका पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2017 में बीएचयू परिसर में हुए बवाल और आगजनी की घटना में गौरव का नाम पहली बार आया। इसके बाद अलग-अलग हिंसक घटनाओं में उसका नाम सामने आने लगा और उसके खिलाफ लंका थाने में मुकदमे दर्ज होते चले गए।
5 of 10
मृत छात्र गौरव
- फोटो : अमर उजाला
गौरव को गोली मारे जाने के दौरान उसके साथ मौजूद उसके गांव के ही आशीष ने बताया कि हमारे घर से लगातार फोन आ रहा था। गौरव और हम दोनों लोग जाने के लिए निकले, लेकिन उसके दोस्त दिख गए। इसके चलते वह रुककर उनसे बात करने लगा। गौरव न रुकता तो शायद उसकी जान बच जाती।