बारह सरकारी बैंकों के विलय के विरोध में बैंक कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं। आल इंडिया बैंक इंपलाइज यूनियन के आह्वान पर शाखाओं पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं बैंक बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, एसबीआई को छोड़कर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में यूनियन बैंक, बैंक आफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक आदि बैंकों के कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। इसके पहले 19 अक्तूबर को कमच्छा स्थित भवन में बैंक कर्मचारियों की सभा में अध्यक्ष आरबी चौबे ने अधिक से अधिक कर्मचारियों से हड़ताल में शामिल होने की अपील की थी।
यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि 12 बैंकों को मिलाकर चार बैंक बनाने की घोषणा की है, जिसका पुरजोर विरोध हो रहा है।
वाराणसी के चौबेपुर में इलाहाबाद बैंक, भिखरीपुर में पंजाब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक, डीरेका में बैंक आफ बड़ौदा, चितईपुर में बैंक आफ बड़ौदा, चोलापुर में इलाहाबाद बैंक, जंसा में सिंडिकेट बैंक और कार्पोरेट बैंक बंद पड़ी है।
चितईपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा मबैंक बंद होने से आसपास के लोगों को काफी परेशानी हुई। ग्रामीण पैसे जमा या निकालने आए, लेकिन बिना पैसा जमा किए ही चले गए। एटीएम में भी पैसा ना होने के कारण और दिक्कत का सामना करना पड़ा। उनका कहना था कि एटीएम में भी पैसा नहीं है और बैंक भी बंद हैं, जिसकी वजह से हम पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं। बैंक हड़ताल होने से पहले बैंक को बता देना चाहिए था।