पूर्वांचल के जिलों में अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सभी लोगों की निगाहें सुबह से टिकी रहीं। जिला प्रशासन भी सुरक्षा को लेकर चौकन्ना रहा। सुप्रीम कोर्टा का फैसला शनिवार को आ गया और लोगों कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और उसे स्वीकारा। पूर्वांचल में वाराणसी समेत, आजमगढ़, बलिया, मऊ, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली में पुलिस बल तैनात रहा।
अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने विवादित जमीन पर रामलला के हक में निर्णय सुनाया। शीर्ष अदालत ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को राम मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर ट्रस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि 02.77 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के अधीन ही रहेगी। साथ ही मुस्लिम पक्ष को नई मस्जिद बनाने के लिए अलग से पांच एकड़ जमीन देने के भी निर्देश हैं। इसके अलावा कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े और शिया वक्फ बोर्ड के दावों को खारिज कर दिया है। हालांकि निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह देने की अनुमति को स्वीकार कर लिया गया है।
वाराणसी :
अयोध्या विवाद पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वाराणसी संवेदनशील हो गया है। धर्मनगरी काशी में त्योहारों और संवदेनशील अवसरों को देखते हुए जिलाधिकारी ने 14 अक्टूबर को ही धारा 144 लागू कर दी थी। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने लोगों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कहा है। फैसले के बाद बनारस में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और सीआरपीएफ के जवान मार्च करते दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही आला अधिकारी भी सड़कों पर रूट मार्च कर रहे हैं।
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ayodhya verdict varanasi
- फोटो : ayodhya verdict varanasi
बलिया :
अयोध्या में राम मंदिर के फैसले को लेकर पूरे जिले में हाई अलर्ट था। दिन में लगभग 11 बजे जैसे ही सुप्रीम कोर्ट का फैसला सामने आया, प्रशासन सतर्क हो गया। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। इस दौरान महत्वपूर्ण मंदिरों और मस्जिदों के आसपास भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही।
मऊ :
अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर शुक्रवार की रात जैसे ही नोटिफिकेशन हुआ, प्रशासन अलर्ट हो गया। फैसले के नगर सहित नगर सहित कस्बों में सन्नाटा रहा। मुख्य मार्ग पर लोगों की आवाजाही कम रही। मुख्य जगहों पर भारी फोर्स की तैनाती की गई थी।