उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक बार फिर से गुरुवार को आंबेडकर प्रतिमा को तोड़ने का मामाला सामने आया है। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने पुलिस चौकी में तोड़फोड़ और पथराव कर दिया। यह मामला पहली बार नहीं है बल्कि साल भर में ये इस तरह की छठवीं घटना है। देखें आगे की स्लाइड्स में...
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आजमगढ़ में हुई आगजनी
- फोटो : अमर उजाला
जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल कस्बे में पुलिस चौकी के सामने माहुल तिराहे पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को बुधवार रात शरारती तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह मामले की जानकारी होते ही लोगों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोग एक विक्षिप्त व्यक्ति को पकड़ कर प्रतिमा तोड़ने के आरोप में मारने-पीटने लगे। चौकी पर पथराव और तोड़फोड़ कर दी। आक्रोशित लोगों ने माहुल चौक पर जाम कर दिया।
इसके पहले 22 मई 2018 को असामाजिक तत्वों ने रौनापार थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव में डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी। सुबह इसकी जानकारी होने पर गांव के दलितों ने भीमबर-बाजार गोसाई मार्ग को जाम कर दिया। पुलिस ने ग्रामीणों को प्रतिमा लगवा कर शांत कराया था।
इसके बाद 15 सितंबर 2018 को जिलाधिकारी कार्यालय के ठीक सामने स्थित अंबेडकर पार्क में स्थापित डा. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा को अराजकतत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो लोगों में गुस्सा व्याप्त हो गया। मौके पर एडीएम प्रशासन, एसपी सिटी, एसडीएम, सीओ सिटी आदि भी पहुंच गए। बसपा के पूर्व सांसद डा. बलिराम ने नई प्रतिमा लगवाने और आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग की। जिसे मानते हुए अधिकारियों ने विवाद को समाप्त कराया था।
वहीं, निजामाबाद थाना क्षेत्र के वनगांव बाजार में आबादी के बीच में आंबेडकर प्रतिमा स्थापित की गई थी। 30 सितंबर 2018 की रात किसी ने प्रतिमा तोड़ दी थी। ग्रामीणों ने आजमगढ़-लखनऊ मुख्य मार्ग जाम कर दिया था। इनके समर्थन में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर भी उतर गए थे। पुलिस ने समझाबुझा कर मामला शांत कराया था।