आजमगढ़ में अमर उजाला के तत्वाधान में श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति वाद-विवाद प्रतियोगिता का जिला स्तरीय आयोजन गुरुवार को हरवंशपुर के सर्वोदय गर्ल्स डिग्री कॉलेज में किया गया। प्रतियोगिता में कई महाविद्यालयों के कुल 28 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिमसें गांधी शताब्दी पीजी कालेज कोयलसा की जया प्रजापति प्रथम स्थान पर रही। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान के साथ ही दो सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह द्वारा विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। क्लिक कर देखें आगे की स्लाइड्स में...।
क्षेत्रवाद ने भारतीय संघवाद को कमजोर किया है... विषय पर आयोजित इस वाद वाद-विवाद प्रतियोगिता का शुभारंभ जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह, निर्णायक मंडल में शामिल डायट प्राचार्य अमरनाथ राय, रामानंद सरस्वती पुस्तकालय जोकहरा की डायरेक्टर हीना देसाई, डीएवी पीजी कालेज की हिन्दी विभागाध्य डॉ गीता सिंह व सर्वोदय गर्ल्स पीजी कालेज के प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में विषय के पक्ष में बोलने वालों ने कहा कि निश्चित तौर पर क्षेत्रवाद ने भारतीय संघवाद को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। क्षेत्रवाद के चलते भाषा वाद, धर्म वाद व जाति वाद का बोलबाला हो गया है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि क्षेत्रवाद के चलते ही आज देश में नये राज्यों का गठन किया गया है। उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना जैसे राज्यों का गठन इसी क्षेत्रवाद की देन है। वहीं महाराष्ट्रा को बांट कर विदर्भ राज्य के निर्माण की मांग अभी चल रही है जो क्षेत्रवाद का ही नतीजा है।
विपक्ष में तर्क देने वाले प्रतिभागियों ने कहा कि क्षेत्रवाद किसी भी तरह से संघवाद को कमजोर नहीं करता है। यदि किसी क्षेत्र के लोगों के आंदोलन से उस क्षेत्र का विकास होता है तो निश्चित तौर पर वह संघ का ही हिस्सा होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि यदि संघ कोई योजना लाता है और उसका लाभ सभी दिलाना चाहता है तो वह अकेले उसे नहीं कर पायेगा। राज्यों व जिलों के माध्यम से ही संघ की योजना पूरे देश के लोगों तक पहुंच सकेगी। इतना ही नहीं भारत देश विविधताओ वाला देश है। यहां पग-पग पर भाष व पहनावा बदल जाता है। लेकिन हर कोई अंत में यह ही कहता है कि वह भारतीय है। निर्णायक मंडल के निर्णय के अनुरूप विजेताओं का निर्धारण हुआ।
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्र जया प्रजापति, दूसरी स्थान पर रहे संयुक्त रुप से रही शिप्रा तिवारी, पूजा यादव व वंदना यादव, तीसरे स्थान पर ही रूचि सिंह व सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित सौम्या सिंह व दीक्षा सिंह को पुरस्कार व प्रशसिपत्र वितरित किया। निर्णायक मंडल में डायट प्राचार्य अमरनाथ राय, रामानंद सरस्वती पुस्तकालय जोकहरा की डायरेक्टर हिना देसाई व डीएवी पीजी कालेज की हिन्दी विभागाध्या डॉ. गीता ङ्क्षसह शामिल रही। संचालन विनीत सिंह ने किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद यादव, महाविद्यालय की प्राचार्या विनीता सिंह, यूपी बोर्ड की प्रधानाचार्या कंचन यादव, रीता अस्थाना, रविंद्र मिश्रा, रश्मी आदि मौजूद रहे।