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बनारस में 66 प्रतिशत लोगों के दांतों में सड़न, नहीं दिया ध्यान तो हो सकती है गंभीर बीमारी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 29 Nov 2018 11:25 AM IST
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वाराणसी शहर के 66.66 प्रतिशत लोग दांतों में सड़न की समस्या से जूझ रहे हैं। यह बात बीएचयू के दंत चिकित्सा संकाय द्वारा 1,490 लोगों पर किए गए अध्ययन में सामने आई है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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डेंटल कैंप लगाकर बीएचयू के डॉक्टरों ने अध्ययन किया तो वाराणसी के लोगों के दातों में सड़न की समस्या देश के अन्य क्षेत्रों से अधिक गंभीर पाई गई। महिलाओं की अपेक्षा पुरुष इस समस्या से ज्यादा ग्रसित हैं।
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प्रो. टीपी चतुर्वेदी ने बताया कि दक्षिण भारत में ये समस्या 45.85 प्रतिशत पाई जाती है। उत्तर भारत में 52.84 प्रतिशत, पूर्वी भारत में 50.97 प्रतिशत और पश्चिम भारत में 41.56 प्रतिशत लोगों में ये समस्या पाई जाती है।
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जबकि अमेरिका में 40.50 प्रतिशत, अफ्रीका में 30.50 प्रतिशत और यूरोपियन देशों में 40.60 प्रतिशत पाई गई है। उन्होंने बताया कि एड्स जैसी बीमारी की शुरुआत कई बार मुख के संक्रमण से भी होती है। दिमागी बुखार होने का खतरा भी रहता है।
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उन्होंने बताया कि दांतों की सड़न व मुख की समस्या से बचाव के लिए जरूरी है कि तंबाकू का सेवन न किया जाए। दिन में दो बार ब्रश करना व खाने के बाद पानी से कुल्ला करना जरूरी है। मसूड़ों की मालिश भी आवश्यक है। चिपचिपे व अत्यधिक मीठे पदार्थ का सेवन कम करें। आम तौर पर छह महीने पर दांतों का परीक्षण कराते रहना चाहिए।