जहरीला जाम पीकर जिंदगी गंवाने वाले लोगों के परिजनों की सिसकियां थमने का नाम नहीं ले रही है। बच्चे ही नहीं बड़े भी अपनों को खोने के गम से उबर नहीं पा रहे हैं। तीसरे दिन श्मशान में अस्थियां एकत्र (फूल) करने पहुंचे कई परिजन तो बिलख पड़े।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
हंसती खेलती सैकड़ों जिंदगियों को इस जहरीली शराब ने निगल लिया। 8 फरवरी की उस स्याह रात को याद कर आज भी परिजनों का कलेजा बाहर आ जाता है जब जहरीला जाम पीने वालों को एक-एक करके उन्होंने अपनी आंखों के सामने दम तोड़ते देखा था। जहरीली शराब ने सबसे ज्यादा कहर देवबंद और नागल क्षेत्र में मचाया है।
यूपी-उत्तराखंड की सीमा से सटे गांवों से मौतों का सिलसिला आरंभ हुआ था। सीमा से लगते गांव खेड़ामुगल, बिलासपुर, डंघेड़ा, शिवपुर, नाफेपुर, सलेमपुर और ताजपुर में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौतें हुईं हैं।
तीसरे दिन सोमवार को जहरीली शराब प्रभावित गांव में सुबह से ही अपनों की अस्थियां एकत्र करने के लिए श्मशान में पहुंचने लगे थे। जिन्हें सुबह 10 बजे के बाद हरिद्वार में गंगा में प्रभावित कर दिया गया। अस्थियां एकत्र करने के साथ ही तीन दिन से बुझे चूल्हे भी जले। शिवपुर में धर्मपाल, विनोद, तेजपाल व गूंगा, खेड़ामुगल में सहेंद्र, बुद्ध महात्मा, मंगल व माठा और नाफेपुर में काला व राजू की अस्थियां लेकर उनके परिजन हरिद्वार रवाना हो गए।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख के चेक वितरित
सरकार ने इस शराब कांड में मरने वालों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। जिसके अंतर्गत सोमवार को अधिकारियों ने प्रभावित गांवों में जाकर मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये की धनराशि के चेक देना शुरू कर दिया है। तहसीलदार हर्ष चावला ने बताया कि सलेमपुर, ताजपुर, नाफेपुर व खेड़ामुगल में चेकों का वितरण आरंभ करा दिया है।