सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने माता रानी के चरणों में शीश झुका कर प्रसाद चढ़ाया और सुख समृद्धि की कामना की। मां के भक्तों द्वारा लगाए गए जयकारों से समूचा मंदिर परिक्षेत्र दिन भर गुंजायमान रहा।
मां शाकंभरी देवी के दरबार में होती है हर मुराद पूरी, नवरात्रि में दूर-दूर से आएंगे भक्त
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विख्यात सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी का नवरात्र के प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम भूरादेव के दर्शन करने के उपरांत मां शाकंभरी को प्रसाद चढ़ाया। हलवा पूड़ी का भोग लगाया गया। माता के जयकारों से मंदिर परिक्षेत्र ही नहीं बल्कि समुचित शिवालिक घाटी गुंजायमान रहीं।
इस बार नवरात्र पर कोरोना महामारी का असर साफ दिखाई दिया। वर्षों की भांति श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही। शाकंभरी देवी मंदिर परिसर में कर्मचारियों द्वारा भक्तों की थर्मल स्क्रिनिंग की गई। हालांकि, जिला पंचायत द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए गए। अब तक समतलीकरण कार्य, शौचालय, बैरिकेडिंग आदि अधूरे हैं।
मान्यता है कि मां शाकंभरी देवी के दर्शन करने से मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। नवरात्र सहित अन्य दिनों में श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंचते हैं। आज से मां शाकंभरी के दरबार में श्रद्धालुओं पहुंचना शुरू हो गया है। कहा जाता है कि जो भक्त मां शाकंभरी देवी के दर्शन कर लेते हैं उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। यहां दूर-दूर से लोग मां शाकंभरी देवी के दर्शन करने आते हैं।
प्रभारी हरेंद्र सिंह ने बताया कि सिद्धपीठ क्षेत्र की व्यवस्था बनाने के लिए तीन इंस्पेक्टर, 32 उपनिरीक्षक, 125 हेड कांस्टेबल एवं कांस्टेबल, 32 महिला कांस्टेबल, 40 होमगार्ड, एक प्लाटून पीएसी, एक टीयर गैस, दो एपी गारद, एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी की तैनाती की गई है। अधिकतर फोर्स पहुंच गया है।
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